जिन्हें 'कुंभकरण और कुंभाराम' में ही भेद मालूम नहीं वो देश क्या चलाएंगे: PM मोदी

कांग्रेस पर आदिवासियों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए मोदी ने कहा, चार चार पीढ़ी तक इन कांग्रेस वालों को ये आदिवासी कभी याद नहीं आए.

जिन्हें 'कुंभकरण और कुंभाराम' में ही भेद मालूम नहीं वो देश क्या चलाएंगे: PM मोदी
मोदी ने कहा कि कांग्रेस पहले अपनी चार पीढ़ी का जवाब दे, फिर चार साल का जवाब मांगे.

दौसा: प्रदेश में विधानसभा चुनाव को लेकर बीजेपी-कांग्रेस का प्रचार अंतिम दिन तक अपनी उफान पर रहा. दोनों ही पार्टियों के नेताओं ने जमकर एक दूसरे पर राजनीतिक हमले किए. इसी क्रम में दौसा में पीएम मोदी ने कांग्रेस पर प्रहार किया और कहा, 'कन्फ्यूज नेतृत्व, फ्यूज पार्टी न कांग्रेस का भला कर सकती है न देश का भला कर सकती है. न इनके पास सशक्त नेतृत्व है, न इनके पास नीति है और न ही इनके पास नीयत की संभावना है'. 

उन्होंने कांग्रेस पर आदिवासियों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा, 'चार चार पीढ़ी तक इन कांग्रेस वालों को ये आदिवासी कभी याद नहीं आए. अटल बिहारी वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में आदिवासियों के लिए अलग मंत्रालय बना, अलग बजट बना, अलग मंत्री बना'.

सभा में उमड़ी भीड़ से उत्साहित मोदी ने कहा, 'दिल्ली में राग दरबारी गाने वालों को पता नहीं चलेगा, हवा का रुख किस तरफ चल रहा है'. उन्होंने भरोसा जताया कि राजस्थान में फिर भाजपा की सरकार बनने वाली है. मोदी ने कहा, 'कांग्रेस में जो कुछ भी है एक परिवार है. उनके लिए उनका परिवार ही सबकुछ है. हमारे लिए तो सवा सौ करोड़ की आबादी का यह देश. यही मेरा परिवार है'. 

वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले में बिचौलिए ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल के भारत प्रर्त्यपण का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी भ्रष्टाचार के ऐसे ऐसे तरीके अपनाती है, आपने देखा होगा. हम हेलीकॉप्टर घोटाले में एक राजदार को पकड़ कर ले आये हैं. पूरा परिवार कांप रहा कि राजदार को ले आये हैं. अगर वह मुंह खोलेगा तो पता नहीं किसका नाम बोलेगा. हजारों करोडों रूपये का मामला हुआ है इसलिये उनको परेशानी हो रही है'. 

सुमेरपुर में किसानों की परेशानी का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि कांग्रेस पहले अपनी चार पीढ़ी का जवाब दे, फिर चार साल का जवाब मांगे. मोदी ने कहा कि वह सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए और उन्होंने गरीबी देखी है. वहीं मोदी ने कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा कुंभाराम लिफ्ट नहर परियोजना में 'कुंभकरण' शब्द का इस्तेमाल किए जाने का जिक्र अपनी दोनों सभाओं में किया और चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें 'कुंभकरण और कुंभाराम' में ही भेद मालूम नहीं है तो देश क्या चलाएंगे.

(इनपुट-भाषा) 

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