राजस्थान चुनावः शरद यादव से गठबंधन पर कांग्रेस में रार, नेताओं को सता रहा है डर

अलवर लोकसभा क्षेत्र में 11 विधानसभा सीटें आती है. इसमें से किशनगढ़बास विधानसभा सीट के नेताओं की टेंशन बढ़ गई है.

राजस्थान चुनावः शरद यादव से गठबंधन पर कांग्रेस में रार, नेताओं को सता रहा है डर
शरद यादव की पार्टी से गठबंधन पर कांग्रेस में विरोध शुरू हो गया है. (फाइल फोटो)

अलवरः राजस्थान विधानसभा चुनाव में काग्रेंस में टिकट को लेकर रार मची हुई है. कांग्रेस में अभी तक उम्मीदवारों की घोषणा नहीं हुई है. वहीं, कई नेताओं और विधायकों को टिकट कटने का भी डर सता रहा है. हालांकि कई स्थानों पर कांग्रेस के नेताओं ने अपने चुनाव लड़ने का भरोसा भी कार्यकर्ताओं को दिला दिया है. लेकिन इस पर अंतिम मुहर नहीं लगने से नेताओं को डर सताने लगा है.

वहीं, कांग्रेस ने कई पार्टियों से गठबंधन भी कर रही है. ऐसे में कांग्रेस ने जेडीयू से बाहर हुए शरद यादव की नई पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल पार्टी से गठबंधन किया है. लिहाजा कांग्रेस को कुछ सीटों पर अपनी उम्मीदवार को हटाना होगा. इस वजह से कांग्रेस में टेंशन भी बढ़ने लगी है.

अलवर लोकसभा क्षेत्र में 11 विधानसभा सीटें आती है. इसमें से किशनगढ़बास विधानसभा सीट के नेताओं की टेंशन बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि इस विधानसभा सीट से शरद यादव की पार्टी लोकतांत्रिक जनता दल के उम्मीदवार को टिकट मिलने की पूरी संभावना है. ऐसे में कांग्रेस नेताओं में यहां निराशा फैल गई है.

Rajasthan Congress leader disappointed alliance with Sharad Yadav in Alwar

कांग्रेस नेताओं में इसे लेकर विरोधी सुर भी सुनने को मिल रहा है. माना जा रहा है कि अगर कांग्रेस नेता को टिकट नहीं दिया गया तो वह निर्दलीय चुनाव भी लड़ सकते हैं. ऐसे में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की टेंशन भी बढ़ गई है. टिकट को लेकर कांग्रेस के अंदर ही विरोध चुनाव में सबसे बड़ी परेशानी बन सकती है.

अलवर के 11 विधानसभा सीट पर कांग्रेस उम्मीदवार पूर्व सांसद और केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह के घर पर डेरा डाले हुए हैं. ऐसे में कांग्रेस के उम्मीदवारों का चयन करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. वहीं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं में निराशा से चुनाव में सबसे बड़ा नुकसान हो सकता है. हालांकि कांग्रेस में टिकट को लेकर मंथन जारी है.

हालांकि कांग्रेस के लिए गठबंधन ही उनके लिए सिर दर्द बन रहा है. अगर वह शरद यादव की पार्टी को भी नाखुश करती है तो उन्हें विधानसभा चुनाव में खामियाजा भरना पड़ सकता है. वहीं, कांग्रेस को लोकसभा चुनाव का भी ध्यान रखना है. इसलिए कांग्रेस के लिए यह गंभीर परिस्थिती बनी हुई है.

कांग्रेस नेताओं में यह भी डर है कि अगर विधानसभा चुनाव में गठबंधन पार्टी के द्वारा अच्छा प्रदर्शन रहा तो लोकसभा में भी उनकी टिकटों पर ग्रहण लग सकता है. इसलिए कांग्रेस के नेताओं में गठबंधन को लेकर ही विरोधी सुर उठने लगे हैं.

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