वसुंधरा राजे के खिलाफ शरद यादव की अभद्र टिप्पणी पर BJP ने आयोग से की कार्रवाई की मांग

यह कोई पहला मौका नहीं है जब जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की हो. 

वसुंधरा राजे के खिलाफ शरद यादव की अभद्र टिप्पणी पर BJP ने आयोग से की कार्रवाई की मांग
फाइल फोटो

जयपुर: नवगठित- लोकतांत्रिक जनता दल (एलजेडी) के अध्यक्ष शरद यादव द्वारा रादस्थान की सीएम वसुंधरा राजे को लेकर अभद्र टिप्पणी करने के बाद बीजेपी ने निर्वाचन आयोग में शिकायत की है. बीजेपी ने शरद यादव पर कार्रवाई की मांग करते हुए उनके बयान को स्तरहीन और निंदनीय बताया. बीजेपी नेता नाहरसिंह माहेश्वरी ने आयोग में शिकायत करने के बाद कहा कि यादव का बयान निंदनीय है और उन पर कार्रवाई की जानी चाहिए. बीजेपी की नेता सुमन शर्मा ने कहा कि राजस्थान की बहनें इस बयान के लिए कांग्रेस को माफ नहीं करेंगी

शरद यादव हमेशा से ही महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने को लेकर विवादों में रहे हैं. इस बीच गुरुवार को शरद यादव का वीडियो सामने आया था जिसमें वह सीएम वसुंधरा राजे को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. शरद यादव ने एक रैली के दौरान वसुंधरा राजे पर ऐसी अभद्र टिप्पणी की है जिसे हम लिख नहीं सकते हैं.

 

 

पहले भी दे चुके हैं महिलाओं को लेकर विवादित बयान 
यह कोई पहला मौका नहीं है जब जनता दल यूनाइटेड के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद यादव ने महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी की हो. वह इससे पहले भी महिलाओं को लेकर कई विवादित बयान दे चुके हैं. 2017 में यादव ने कहा था कि वोट की कीमत बेटी की इज्जत से कहीं बढ़कर है. उन्होंने कहा था कि बेटी की इज्जत गई तो सिर्फ मोहल्‍ले और गांव की ही इज्‍जत जाएगी लेकिन वोट बिक गया तो देश की इज्‍जत चली जाएगी. 

दक्षिण भारत की महिलाओं के रंग-रूप को लेकर टिप्पणी
शरद यादव ने राज्यसभा में बीमा विधेयक की चर्चा के दौरान कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाएं सांवली जरूर होती हैं, लेकिन उनका शरीर खूबसूरत होता है, उनकी त्वचा सुंदर होती है, वे नाचना भी जानती हैं. उन्होंने कहा था कि भारतीय लोग गोरी चमड़ी के आगे किस तरह सरेंडर करते हैं, यह निर्भया पर डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली लेस्ली अडविन के किस्से से पता चलता है.

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी के खिलाफ भी दिया था बयान
महिलाओं के खिलाफ बयानबाजी पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कड़ी आपत्ति जताई थी तो शरद यादव ने उन्हें जवाब देते हुए कहा था कि मैं जानता हूं, कि आप क्या हैं. वहीं, इससे पहले सन 1997 में महिला आरक्षण विधेयक जब पहली बार संसद में पेश किया गया था तब शरद यादव ने कहा था कि इस विधेयक के जरिये क्या आप ‘परकटी महिलाओं’ को सदन में लाना चाहते हैं. उनकी इस टिप्पणी पर महिला संगठनों ने कड़ा विरोध जताया था और आखिरकार शरद यादव को माफी मांगने पर मजबूर होना पड़ा था.

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close