राजस्थान: नई सरकार आने के बाद भी मुश्किल में किसान, मांगों के लिए कर रहे विरोध

अंता के हांफाहेड़ी गांव मे किसानों ने खेतो के लिए दिन में 7 घण्टे बिजली देने की मांग को लेकर GSS पर प्रदर्शन किया 

राजस्थान: नई सरकार आने के बाद भी मुश्किल में किसान, मांगों के लिए कर रहे विरोध
किसानों का कहना है कि मात्र 4 घण्टे ही बिजली सप्लाई की जा रही है

जयपुर: राजस्थान की नवनिर्वाचित सरकार किसानों को लेकर बड़े बड़े दावे कर रही है. हाल ही में कर्जा भीअ किसानों का माफ कर दिया गया. लेकिन टोंक जिले के मालपुरा में पिछले कई दिनों से किसानों के साथ अधिकारियों द्वारा दुर्व्यवहार किया जा रहा है. हद तो यह हो रही है कि दूर दराज से कृषि मंडी में जिंस बेचने आए किसानों को बिते दिन देर शाम वाहनों के साथ मंडी से बाहर निकाल दिया और मंडी के बाहर पुलिस के जवान तैनात कर दिए गए. 

जिस दूर दराज से आए किसान के वाहनों की लम्बी कतारे लग गई. किसानों ने कई बार अधिकारियों की मिन्नते की लेकिन किसी ने नहीं सुनी. साथ ही खरीद कर रही क्रय विक्रय सहकारी समिति के अधिकारियों ने भी किसानों को नहीं बख्शा. जिसके कारण मजबूर किसानों को कड़ाके की ठंड खुले आसमान के नीचे सड़क पर ही रात गुजारनी पड़ी. वैसे तो कांग्रेस कर्जा माफ करने की घोषणा से राजस्थान में सत्ता में आई है. लेकिन पिछले 12 घंटों से ज्यादा समय गुजरने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है.

वहीं बारां जिले के अंता के हांफाहेड़ी गांव मे किसानों ने खेतो के लिए दिन में 7 घण्टे बिजली देने की मांग को लेकर GSS पर प्रदर्शन किया तथा जमकर नारेबाजी की. किसानों का कहना है कि इस कड़ाके की सर्दी के बाउजूद दिन के बजाय रात में बिजली दी जा रही है. ऐसे में रात्रि को खेतों में पानी डालना मुश्किल हो रहा है. किसानों का कहना है कि मात्र 4 घण्टे ही बिजली सप्लाई की जा रही है जब कि हापाहेड़ी जी एस एस से आधा दर्जन गांव जुड़े हुए है ऐसे में 7 घण्टे बिजली दी जाए.

दिन के समय 7 घण्टे बिजली देने की मांग को लेकर किसानों ने हापाहेड़ी में जी एस एस पर जमकर प्रदर्शन किया. साथ ही किसानों ने कहा कि उन्हें गहलोत सरकार से काफी उम्मीदें हैं. चुनाव के समय कांग्रेस ने किसानों की मुश्किलों को कम करने के तमाम वादे किए थे इसलीए अब नई सरकार के उनकी मुश्किलों को करना पड़ेगा नहीं तो प्रदेश के किसान विरोध करने सडकों पर उतरेंगे.