राजस्थान: गहलोत सरकार दोबारा शुरू करेगी डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना

कांग्रेस ने इस बात को प्राथमिकता के साथ लेकर जिले के घोषणा पत्र में भी शामिल किया था

राजस्थान: गहलोत सरकार दोबारा शुरू करेगी डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना
कांग्रेसी नेता भी आश्वस्त है की इस योजना का काम फिर से शुरू होगा

अखिलेश शर्मा/डूंगरपुर: राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनने से वागड़ की लाइफ लाइन माने जाने वाली डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना के कार्य के दोबारा शुरू होने की वागड़वासियों की उम्मीद फिर से जगी है. पिछले कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई केंद्र व राज्य सरकार की पार्टनरशिप वाली डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना का काम तत्कालीन भाजपा सरकार ने ठन्डे बस्ते में डाल दिया था लेकिन एक बार फिर अशोक गहलोत के सीएम बनने व राहुल गांधी द्वार सागवाडा में सरकार आने पर योजना का काम पुनः शुरू करने की घोषणा ने वागड़वासियों व कांग्रेसियों की उम्मीदों को जगा दिया है.

दरअसल पिछले कांग्रेस सरकार के समय वर्ष 2011 में जब डूंगरपुर बांसवाड़ा रतलाम रेल लाइन की परियोजना बनाई थी, तब इसके लिए रेल मंडल द्वारा 2400 करोड़ रुपए तय किए गए थे और उसमें 50 फीसदी भागीदारी राज्य सरकार को निभानी थी. लिहाजा गहलोत सरकार ने उस समय तय राशि की 25 फीसदी राशि केंद्र को दे दी थी और धरातल पर काम भी शुरू करा दिया था लेकिन 2013 में सरकार बदल गई. 

इसके साथ ही धरातल पर शुरू हुआ काम रुक गया था. दूसरी ओर पिछले 5 सालों में रेल परियोजना को लेकर कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. एक अनुमान के तहत इसकी कीमत करीब 4 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. इधर राजस्थान में अब पुनः अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार बन गई है. अब डूंगरपुर, बांसवाड़ा और रतलाम रेल परियोजना को लेकर लोगों में उम्मीद जगी है क्योंकि 20 सितंबर 2018 को सागवाड़ा में राहुल गांधी ने सभा की थी. 

तब राहुल ने मंच से ही इस बात की घोषणा की थी कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी तो रेल परियोजना का बंद पड़ा काम शुरू कराया जाएगा. साथ ही कांग्रेस ने इस बात को प्राथमिकता के साथ लेकर जिले के घोषणा पत्र में भी शामिल किया था. ऐसे में वागड़ के आमजन के साथ कांग्रेसी नेता भी आश्वस्त है की इस योजना का काम फिर से शुरू होगा. 

बहरहाल कांग्रेस सरकार के राजस्थान में आने के बाद डूंगरपुर-रतलाम रेल परियोजना के कार्य के पुनः शुरू होने की उम्मीद तो जगी है. दूसरी ओर पिछले 5 सालों में रेल परियोजना को लेकर कीमत में भी काफी बढ़ोतरी हुई है. एक अनुमान के तहत इसकी कीमत करीब 4 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुकी है. ऐसे में सवाल उठता है कि गहलोत सरकार पूर्व में दिए गए राशि के अलावा की राशि कितनी देंगे. लेकिन यह सब तब संभव होगा कि जब मोदी सरकार वागड़ में रेल लाने की बात स्वीकारे या फिर केन्द्र सरकार बदले.