राजस्थान: लड़की ने बचपन की सगाई को मानने से किया इनकार, थाने में खाया जहर

युवती के भाई ने बताया कि उसकी बहन की सगाई उसके दादा ने बचपन में तीन साल की उम्र में कर दी थी लेकिन लड़के का चाल चलन ठीक ना होने के कारण उसने शादी से मना कर दिया.

राजस्थान: लड़की ने बचपन की सगाई को मानने से किया इनकार, थाने में खाया जहर
पुलिस का कहना है कि युवती ने पहले भी बंसीलाल व अन्य के खिलाफ शिकायत दी थी.

जोधपुर: प्रदेश के में बाल विवाह से जुड़ा एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां शादी के दबाव में आकर एक चार्टेड एकाउंटटेड लड़की ने बनाड़ थाने की डिगाड़ी चौकी में बयान दर्ज करवाने के दौरान पुलिस वालो के सामने ही जहरीला पदार्थ खार सुसाइड का प्रयास किया. बनाड़ थाना क्षेत्र के डिगाडी पुलिस चौकी में युवती के जहर खाने की घटना से पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे है.

वहीं युवती के भाई ने बताया कि उसकी बहन की सगाई उसके दादा ने बचपन में तीन साल की उम्र में कर दी थी लेकिन लड़के का चाल चलन ठीक ना होने के कारण उसने शादी से मना कर दिया. जिस पर लड़के के परिवार वाले युवती के परिवार पर शादी का दबाव डालने लगे. शादी से इंकार करने पर लड़के के घर वालो ने शनिवार को पंचायत बुलाई जहां पंचो द्वारा उनके घर वालों पर 16 लाख रूपये का आर्थिक दंड लगा दिया. जिसे लड़की के घरवालों ने भर भी दिया. 

लेकिन लड़की के भाई की मानें इसके बाद भी लड़के के परिवार वालों और ग्रमीणों ने लड़की और उसके घर वालों का प्रताड़ित करना नहीं छोड़ा. तरह तरह से से समाद में उम्हें परेशान किया जा रहा था. हालांकि शादी का दबाव डालने से परेशान होकर पीड़ित दिव्या ने पहले भी कई बार पुलिस में रिपोर्ट दी थी. पुलिस कमिश्नर के समक्ष दो बार पेश हो हुए, लेकिन फिर भी थाना अधिकारी द्वारा समय पर किसी भी प्रकार का कोई एक्शन नहीं लिया गया और बाद में पुलिस ने आरोपियों को चेतावनी देकर छोड़ दिया. जिसके बाद परेशान होकर लड़की नें पुलिस थाने में जाकर आत्महत्या करने की कोशिश की. 

साथ ही पीड़िता द्वारा 25 अक्टूबर को बनाड़ थाने में पंचों व आरोपियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी. जिस पर पुलिस द्वारा जांच की जा रही है लेकिन एफआईआर वापस लेने को लेकर लड़की के परिजनों पर समाज की तरफ से दबाव बनाया जा रहा था और रिपोर्ट वापस लेने के लिए कहा जा रहा था. जिस पर पीड़ित ने परिवार के कहने पर रिपोर्ट वापस लेने का सोचा और परिवार के साथ डिगाड़ी चौकी में गए. चौकी में पीड़िता पानी पीने के बहाने गई और जहरीला पदार्थ का सेवन कर लिया. चौकी में तबियत ख़राब होने पर पीड़िता को मथुरा दास माथुर अस्पताल में भर्ती करवाया गया. 

इधर पुलिस का कहना है कि युवती ने पहले भी बंसीलाल व अन्य के खिलाफ शिकायत दी थी. साथ ही लड़की के परिवार वालों ने ग्रामीणों के पंचायत कर उन्हें समाज से बहिष्कृत करने की धमकी की शिकायत भी पुलिस कमिश्नर से की थी. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की लेकिन अभी तक की जांच में यह सामने नहीं आया कि 25 अक्टूबर को गांव में जातीय पंचायत हुई थी.

हालांकि थाना अधिकारी का कहना है कि गांव में मंदिर को लेकर बैठक थी. साथ ही थाना अधिकारी का यह भी कहना है कि पीड़ित परिवार ने जाति पंचों पर 16 लाख दंड लगाने का भी आरोप लगाया है. इन सभी मामलों की पुलिस गहनता से जांच कर रही है और जैसे तथ्य सामने आएंगे कार्रवाई की जाएगी. साथ थानाधिकारी ने यह भी माना कि बयान के दौरान डिगाडी पुलिस चौकी में युवती ने जहरीले पदार्थ का सेवन किया. जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसके बाद उसे जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां पर उसकी हालत सामान्य बताई जा रही है फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

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