राजस्थान: छोटे उद्यमियो के लिए सरकार की पहल, उत्पादों को मिलेगी विदेशी बाजार में जगह

अभी प्रदेश में महज 23 हजार छोटे कारोबारियों को विदेशी बाजार में उत्पाद बिक्री करने की सुविधा है.

राजस्थान: छोटे उद्यमियो के लिए सरकार की पहल, उत्पादों को मिलेगी विदेशी बाजार में जगह
अमेरिका-भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स की पहल इन लोगों के लिए तरक्की के द्वार खोलेगी.

जयुपर: राजस्थान में 17 लाख छोटे कारोबारियों के लिए एक अच्छी खबर है. प्रदेश के ऐसे उद्यमी जो किसी खास वस्तु का उत्पादन करते हैं अब उनके उत्पादों को को विदेशों के बाजारों तक पहूचाने के लिए सरकार ने अब सजग हो गई है. अभी प्रदेश में महज 23 हजार छोटे कारोबारियों को विदेशी बाजार में उत्पाद बिक्री करने की सुविधा है. लेकिन अब ऐसे उद्यमी जो यूनिक उत्पादों का निर्माण करते हैं उन्हें अमेरिका-भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स विदेशी बाजारों तक पहुंचने में मदद करेगा. साथ ही डिजाइन और तकनीक के दम पर आगे बढ़ाते हुए आर्थिक स्थिति सुधारने का भी मौका मिलेगा.

भले ही हैंडीक्राफ्ट से जुड़े काम ज्यादातर ग्रामीण अंचलों में किये जाते हों लेकिन इनका शहरी क्षेत्रों में खूब चलन हैं और राजस्थान तो हैंडीक्राफ्ट के लिए खास तौर पर अपनी पहचान रखता है. यही वजह है राजस्थानी हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की देश ही नहीं बल्कि विदेशी बाजारों में भी खूब मांग है, लेकिन एक उत्पादन के अनुपात में कम बिक्री चिंता का विषय है. 

इसकी वजह यह है कि उत्पाद उस मंच तक पहुंच ही नहीं पाते जहां पर उनकी उचित कीमत मिल सके. फिलहाल हैंडीक्राफ्ट उद्योग से जुड़े लोगों के लिए आने वाले दिन अच्छे साबित हो सकते हैं. उत्पादन और बिक्री के बीच की दूरी को खत्म करने की पहल अमेरिका-भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स कर रहा है. एनआरआई पूर्णिमा वोरिया चैंबर के जरिए राजस्थान के गलियों में बसी कला को वैश्विक मंच पर लाने और आर्थिक स्थित सुधारने की कोशिश कर रही हैं. प्रदेश दौरे पर आई पूर्णिमा हैंडीक्राफ्ट संस्थानों का दौरा कर मदद के हाथ बढ़ा रही है.

राजस्थान की कारीगरी मार्बल की मूर्तियां, मीनाकारी, ब्लू पॉटरी, लकड़ी पर नक्काशी, एथनिक टैक्सटाइल, जूलरी, के अलावा कारपेट, लैदर डिजाइन, ब्लॉक प्रिटिंग और पेंटिंग्स समेत अन्य उत्पाद निर्माण में बखूबी दिखती है. प्रदेश में ऐसे पांच लाख कारीगर हैं, जो सीधे तौर इन उत्पादों से अपनी आजीविका चला रहे हैं. लेकिन इनमें निर्यात कारोबार करने वाले कारीगरों की संख्या सैंकड़ों में ही है. फिलहाल अमेरिका-भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स की पहल इन लोगों के लिए तरक्की के द्वार खोलेगी. 

प्रदेश के हैंडीक्राफ्ट उत्पाद निर्माताओं के लिए अमेरिका-भारत चैम्बर ऑफ कॉमर्स खुशहाली का मौका लाया है. चैंबर की कोशिश हैंडीक्राफ्ट उत्पादों की बिक्री को सही दिशा देने के साथ कारीगरोंं के साथ काम करने की भी हैं. इतना ही नहीं आने वाले दिनों में केंद्र और राज्य सरकार से बातचीत कर इस दिशा में कई कदम उठाए जा सकते हैं.

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