आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जज ने कहा, 'आपने संतों की छवि खराब कर दी'

विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर सेंट्रल जेल में लगाई गई अदालत में आसाराम को बलात्कार का दोषी ठहराया और उसे उम्र कैद की सजा सुनाई. उसपर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. 

आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाते हुए जज ने कहा, 'आपने संतों की छवि खराब कर दी'
आसाराम पर गुजरात के सूरत में भी बलात्कार का एक मामला चल रहा है. (PTI File Photo)
Play

नई दिल्ली: आसाराम को एक नाबालिग लड़की से बलात्कार के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाने वाली जोधपुर की एक विशेष ‘पॉक्सो’ अदालत ने कहा है कि ‘‘संत कहे जाने के’’ बावजूद आसाराम ने घृणित अपराध किया और संतों में लोगों की आस्था को ठेस पहुंचायी. यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अदालत के विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने 453 पन्नों के अपने फैसले में इस बात को लेकर दुख जताया कि आसाराम ने अपने घृणित कृत्य से ‘‘ना केवल अपने अनुयायियों की आस्था को ठेस पहुंचायी, बल्कि आम लोगों में संतों की प्रतिष्ठा भी धूमिल की.’’

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने पीड़िता के पिता एवं उसके परिवार की आसाराम में आस्था की तरफ इशारा करते हुए कहा, ‘‘उनके (पीड़िता के पिता) मन में आसाराम के लिए इतना सम्मान था कि उन्होंने अपने बेटे और बेटी, दोनों को मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में आसाराम के गुरुकुल पढ़ने के लिए भेज दिया था, लेकिन उस ने बुरी शक्तियों के प्रभाव से मुक्त कराने के बहाने पीड़िता को अपने आश्रम बुलाकर उससे बलात्कार किया.’’

कोर्ट ने सुनाई है आजीवन कारावास की सजा
स्वयंभू संत आसाराम को एक किशोरी से बलात्कार के मामले में बुधवार (25 अप्रैल) को जोधपुर की एक विशेष अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई. यह घटना पांच साल पहले उसके आश्रम में हुई थी. एक साल के भीतर यह दूसरा मामला है, जब देश में किसी स्वयंभू बाबा को बलात्कार के अपराध में अदालत ने दोषी करार दिया है. विशेष न्यायाधीश मधुसूदन शर्मा ने जोधपुर सेंट्रल जेल में लगाई गई अदालत में आसाराम को बलात्कार का दोषी ठहराया और उसे उम्र कैद की सजा सुनाई. उसपर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया. 

15 अगस्त 2013 को पीड़िता ने लगाया था रेप का आरोप
आसाराम और चार अन्य सहआरोपियों के खिलाफ पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत छह नवंबर 2013 को पुलिस ने आरोपपत्र दायर किया था. पीड़िता ने आसाराम पर उसे जोधपुर के नजदीक मनाई इलाके में आश्रम में बुलाने और 15 अगस्त 2013 की रात उसके साथ बलात्कार करने का आरोप लगाया था. उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर की रहने वाली पीड़िता मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा स्थित आसाराम के आश्रम में पढ़ाई कर रही थी.

दो सितंबर 2013 से न्यायित हिरासत में था आसाराम
आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर एक सितंबर 2013 को जोधपुर लाया गया था और दो सितंबर 2013 से वह न्यायिक हिरासत में है. आसाराम पर गुजरात के सूरत में भी बलात्कार का एक मामला चल रहा है. आसाराम ने 12 बार जमानत याचिका दायर की, जिसे छह बार निचली अदालत ने, तीन बार राजस्थान उच्च न्यायालय और तीन बार उच्चतम न्यायालय ने खारिज किया.

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close