प्रभारी मंत्री के सामने बीजेपी के विधायकों में तू-तू, मैं-मै, 'दो कौड़ी' तक पहुंची बात

कोटा उत्तर से बीजेपी विधायक प्रहलाद गुंजल और रामगंज मंडी विधायक चंद्रकाता मेघवाल के बीच अदावत खुलकर सामने आ गई.

प्रभारी मंत्री के सामने बीजेपी के विधायकों में तू-तू, मैं-मै, 'दो कौड़ी' तक पहुंची बात
दोनों विधायक न केवल आपस में भिड़ गए बल्कि एक दूसरे को दो कौड़ी तक का बता डाला...(फोटो साभार: Facebook)

कोटा: राजस्थान चुनाव को लेकर बीजेपी रणनीति बनाने में जुटी हैं लेकिन कोटा में शनिवार को कोटा उत्तर से बीजेपी विधायक प्रहलाद गुंजल और रामगंज मंडी विधायक चंद्रकाता मेघवाल के बीच लंबे समय से चल रही अदावत खुलकर सामने आ गई. प्रभारी मंत्री और अधिकारियों के सामने सत्ताधारी दल के ये दोनों विधायक न केवल आपस में भिड़ गए बल्कि एक दूसरे को दो कौड़ी तक का बता डाला. प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी चुपचाप सुनते रहे.  

राजस्थान विधानसभा चुनाव के पहले बीजेपी के अंगने से जो तस्वीर उभरकर सामने आई है, उसने हैरान करके रख दिया हैं. कोटा में  बीजेपी के कई विधायकों और प्रभारी मंत्री के सामने राजनीति रसूख रखने वाले बीजेपी के दो दिग्गज नेता आपस में उलझ गए. विवाद की शुरुआत उस समय हुई जब विधायक गुंजल ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणा के बावजूद हाईवे 76 के बायपास पर बंधा धर्मपुरा जाने वाले मार्ग पर बनने वाले अंडरपास के काम को लटकाया जा रहा है. इस पर रामगंजमंडी विधायक चंद्रकाता मेघवाल ने विरोध करते हुए कहा कि इसकी फिलहाल अभी जरूरत नहीं है. इसी को लेकर दोनों में जुबानी जंग हो गई. विधायक गुंजल ने चंद्रकाता को दो कौड़ी का कह डाला तो जवाब में चंद्रकाता ने भी उन्हें दो कौड़ी का बता डाला. 

विधायक चंद्रकाता ने इस मामले की शिकायत सीएम से करने की बात कही. उन्होंने कहा कि गुंजल दो बार विधायक बने हैं तो मैंने भी दो बार विधायकी जीती है. उन्होंने कहा कि महिला विधायक के खिलाफ ऐसी टिप्पणी बिल्कुल भी उचित नहीं है. वहीं इस मामले में विधायक प्रहलाद गुंजल ने कहा कि मैंने तो केवल मुख्यमंत्री की बजट घोषणा में शामिल अंडरपास को जल्द बनवाने की बात मीटिंग में कही थी. अब उस पर कोई विरोध जताए तो क्या कहा जा सकता है.

प्रभारी मंत्री प्रभुलाल सैनी ने इसे परिवार का मामला बताते हुए विधायकों को नसीहत दी है. राजनीति में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप और नोंक-झोंक नई बात नहीं हैं लेकिन किसी एक ही दल के दो दिगग्ज मंत्री और अधिकारियों के सामने आपस में ही उलझ बैठे तो विरोधियों को आइना दिखाने के पहले खुद के घर को संभालना ज्यादा जरूरी हैं.

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