जेल की बैरक से चिल्लाता राम रहीम, 'मैं कि कित्ता ए, साड्डा कि कसूर ए...'

जेल की बैरक से चिल्लाता राम रहीम, 'मैं कि कित्ता ए, साड्डा कि कसूर ए...'
रोहतक जेल में राम रहीम को याद आ रहे है भगवान (सांकेतिक चित्र डीएनए)

नई दिल्लीः खुद को भगवान बताने वाला बलात्कारी राम रहीम अब जेल की सलाखों के पीछे जोर जोर से चिल्लाता. लेकिन यहां उसकी सुनने वाली वो भीड़ नहीं है, जिसे वो संगत कहा करता था. राम रहीम को अब सच में भगवान याद आ रहे हैं. जेल के बैरक में न तो वो कुछ खा रहा है न ही किसी से बात कर रहा है. राम रहीम जेल में रोते-बिलखते चिल्ला-चिल्ला कर पुकार रहा है कि 'मैं कि कित्ता ए, साड्डा कि कसूर ए...' शाही जिंदगी जीने वाले राम रहीम के आसपास जेल में केवल दो नंबरदार ही हैं. मखमली बिस्तरों में सोने के आदी को जब कैदी बनाया गया तो जेल प्रशासन की तरफ से उसे एक चटाई और दो कंबल नसीब हुए. उसका गुनाह बेहद घिनौना है, लेकिन उसे चीखें मारकर रोते-बिलखते देख जेल के कई कैदी भी हक्के-बक्के रह गए.

राम रहीम पहले दिन तो जेल देखकर पूरी तरह घबरा-सा गया और अंदर जाने को राजी ही नहीं हुआ. जैसे-तैसे जेल प्रशासन उसे अप्रूवल ब्लॉक वाली जगह पर लेकर आया. सजा निर्धारित होने के बाद जब उसे 12 चक्की वाले अप्रूवल ब्लॉक में लाया गया तो उसका चेहरा काफी उतरा हुआ था, अंदर जाने से वह डर रहा था. राम रहीम की वजह से सभी 12 चक्कियों में रहने वाले दूसरे कैदियों को स्पेशल सेल तथा हाई सिक्योरिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया. राम रहीम के ब्लॉक में केवल दो नंबरदारों को ही उसके साथ वाली बैरक में रहने की इजाजत दी गई है.

यह भी पढ़ेंः दामाद का सनसनीखेज खुलासा, राम रहीम के मुंहबोली बेटी से थे संबंध

राम रहीम के आने से छिन गई है कैदियों की आजादी
हिंदी अखबार अमर उजाला ने जेल से नौ महीने की सजा काट कर 29 अगस्त को रिहा हुए दलित नेता डॉ. स्वदेश किराड के बयान के आधार पर लिखा है कि कैदी नंबर 8647 राम रहीम जब से जेल में कैदी बनकर आया है, दूसरे कैदियों की जेल के भीतर मिलने वाली ‘आजादी’ छिन गई है.सामान्य दिनों में कैदी जहां दिन के समय खुली हवा में हरे-भरे वातावरण के बीच सुविधानुसार हल्की-फुल्की खेल एवं अन्य मनोरंजन गतिविधियां कर लेते थे, राम रहीम के आने से सुरक्षा के मद्देनजर तमाम चीजों पर पाबंदियां लग गई. 28 अगस्त को फैसले वाले दिन सुरक्षा की दृष्टि से सभी कैदी एक तरह से नजर बंद कर दिए गए थे. जेल की पाठशाला में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट बनाई गई थी.

राम रहीम ने खाना-पीना छोड़ा
राम रहीम को जेल में घरेलू कपड़े पहने ही देखा गया. जिस दिन जेल में आया तो वह कुर्ता-सलवार और कमर पर चौड़ी काली पट्टी बांधे हुए था, लेकिन बाद में वह गहरे रंग की कैपरी और हलके रंग की टीशर्ट में नजर आया. नंबरदार जब उससे चाय-पानी और खाने-पीने के लिए पूछते हैं तो चुप्पी साधे रखता है. ज्यादा पूछने पर भी ठीक से जवाब नहीं देता. उसे समझा-बुझाकर खाना खिलाना पड़ता है. आलीशान महल और इंपोर्टेड वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाले राम रहीम को जिस बैरक में रखा गया है, वहां टॉयलेट के लिए लोहे की इंडियन सीट है और पानी के लिए एक टूंटी लगी हुई है. नहाने और कपड़े आदि भी धोने की व्यवस्था चक्की में ही है.

यह भी पढ़ेंः राम रहीम की रहस्‍यमयी और आलीशान गुफा, यहीं लगा था यौन शोषण का आरोप

राम रहीम को सामान्य कैदियों जितनी सुविधा
मच्छरों से छुटकारा पाने के लिए जेल की कैंटीन से क्वायल जरूर वह खरीद सकता है. जब स्वदेश किराड़ से यह पूछा गया कि क्या राम रहीम को किसी तरह का वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जाता था तो उसने कहा कि जो सुविधाएं अन्य कैदियों को जेल प्रशासन की तरफ से उपलब्ध करवाई जाती हैं, उसको भी वही सब दी गई है.

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close