'शरद यादव चाहें तो जदयू छोड़ सकते हैं, गोरखपुर हादसा योगी के लिए परीक्षा की घड़ी'

मुझे भरोसा है कि वह इसे गंभीरता से लेंगे और इसे लिया भी जाना चाहिए. यह मुख्यमंत्री के लिए परीक्षा की घड़ी है.’’ पासवान ने कहा कि उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि उप्र एवं कई अन्य राज्यों में सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफी खराब है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: शनिवार अगस्त 12, 2017 - 08:25 PM IST
'शरद यादव चाहें तो जदयू छोड़ सकते हैं, गोरखपुर हादसा योगी के लिए परीक्षा की घड़ी'
नीतीश और पूर्व पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं. (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी  के अध्यक्ष राम विलास पासवान ने शनिवार को कहा कि शरद यादव चाहें तो जनता दल (युनाइटेड) छोड़कर जा सकते हैं. पासवान ने मीडिया से बातचीत में कहा, "वास्तव में मैं इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. लेकिन ऐसी संभावनाएं हैं कि वह अपनी अलग पार्टी गठित कर सकते हैं. उन्हें जेडीयू की ओर से बोल दिया गया है कि वह स्वतंत्र हैं और वह पार्टी छोड़कर जा सकते हैं. अगर वह चाहते ही हैं, तो पार्टी छोड़ क्यों नहीं देते."बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कांग्रेस के साथ महागठबंधन तोड़कर भारतीय जनता पार्टी  के साथ हाथ मिलाने के साथ ही नीतीश और पूर्व पार्टी अध्यक्ष शरद यादव के बीच मतभेद पैदा हो गए हैं.

ताकत अहम होती है 

शरद यादव ने दावा किया है कि असली जेडीयू का समर्थन उनके साथ है. इस पर पासवान ने कहा, "राजनीति में किसी व्यक्ति की ताकत अहम होती है और जेडीयू के मौजूदा अध्यक्ष नीतीश कुमार आज उतने ही प्रभावशाली नेता हैं. राजनीति में इसका कोई महत्व नहीं है कि पार्टी आपने बनाई है या नहीं बनाई है. सबसे अहम बात यह है कि किसी व्यक्ति ने वह ताकत अर्जित की है या नहीं. शरद यादव को यह स्वीकार कर लेना चाहिए कि नीतीश के पास अब वह ताकत है और उनके पास नहीं."

एनडीए गठबंधन

नीतीश कुमार के जेडीयूको सरकारी पार्टी कहे जाने पर पासवान ने कहा, "जब शरद यादव एनडीए सरकार में मंत्री थे, तब यह सरकारी पार्टी नहीं थी, बल्कि एक क्रांतिकारी पार्टी थी. अब वह सरकार में नहीं हैं तो पार्टी सरकारी पार्टी हो गई है." पासवान ने एनडीए गठबंधन में नीतीश कुमार के शामिल होने की सराहना की. उन्होंने कहा, "कुछ भी हो वह एनडीए का हिस्सा बन चुके हैं. सिर्फ कुछ तकनीकी औपचारिकताएं शेष हैं. उन्हें एनडीए में शामिल होने दीजिए, हम मिलकर काम करेंगे."

अस्पताल त्रासदी मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के लिए ‘‘परीक्षा की घड़ी’’: पासवान

केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने गोरखपुर में एक सरकारी अस्पताल में 30 बच्चों की मौत मामले की समयबद्ध जांच कराने जाने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि यह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए ‘‘परीक्षा की घड़ी’’ है.भाजपा के सहयोगी लोजपा के प्रमुख पासवान ने इन मौतों को दुखद करार दिया और ध्यान दिलाया कि यह त्रासदी योगी आदित्यनाथ के चुनाव क्षेत्र में हुई है. बच्चों में से कई की मौत कथित तौर पर आक्सीजन की कमी के कारण हुई है.

उच्च स्तरीय जांच 

उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे भरोसा है कि वह इसे गंभीरता से लेंगे और इसे लिया भी जाना चाहिए. यह मुख्यमंत्री के लिए परीक्षा की घड़ी है.’’ पासवान ने कहा कि उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई होनी चाहिए.उन्होंने कहा कि उप्र एवं कई अन्य राज्यों में सरकारी अस्पतालों की स्थिति काफी खराब है.

(इनपुट एजेंसी से भी)