मोदी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव, पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, स्मृति से छिना I&B

वित्त मंत्री अरुण जेटल कई दिनों से बीमार चल रहे हैं. सोमवार को दिल्ली के एम्स में उनकी किडनी का प्रत्यारोपण किया गया.

मोदी मंत्रिमंडल में बड़ा बदलाव, पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार, स्मृति से छिना I&B
नए मंत्रिमंडल में पीयूष गोयल का कद बढ़ाया गया है, जबकि स्मृति ईरानी का कद छोटा किया गया है

नई दिल्ली : सोमवार की रात केंद्र की मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बड़ा फेरबदल किया गया. वित्त मंत्री अरुण जेटली का स्वास्थ्य ठीक नहीं होने कारण रेल मंत्री पीयूष गोयल को वित्त मंत्रालय की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है. स्मृति ईरानी से सूचना प्रसारण मंत्रालय लेकर राज्यवर्धन राठौर को स्वतंत्र प्रभार दिया किया है. स्मृति ईरानी के पास अब केवल कपड़ा मंत्रालय की जिम्मेदारी रहेगी.

बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली पिछले एक महीने से अस्वस्थ्य चल रहे हैं. किडनी में खराबी होने के कारण वे डायलिसिस पर थे. सोमवार को अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में उनकी किडनी ट्रांसप्लांट की गई. जेटली को रविवार को एम्स में भर्ती कराया गया था. जेटली के स्वस्थ्य होने तक वित्त मंत्रालय का कार्यभार रेल मंत्री पीयूष को सौंपा गया है. 

मंत्रिमंडल के इस फेरबदल में स्मृति ईरानी का कद छोटा किया गया है. उनसे सूचना प्रसारण मंत्रालय वापस लेकर राज्यमंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर को सूचना प्रसारण मंत्रालय स्वतंत्र प्रभार दे दिया गया है. राठौर अब पूरी तरह से अपने मंत्रालय को देखेंगे.  ईरानी अब सिर्फ कपड़ा मंत्रालय ही देखेंगी. यह दूसरी बार है जब स्मृति ईरानी की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है. इससे पहले उनसे मानव विकास मंत्रालय छीना गया था. स्मृति के अलावा केंद्रीय मंत्री एसएस अहलूवालिया को पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय से मुक्त कर उन्हें इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. अभी तक यह मंत्रालय अल्फ़ोंस कन्ननधनम के पास था. अल्फोंस अब केवल पर्यटन मंत्रालय का ही काम देखेंगे.

AIIMS में केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की सफल किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी

राजनीति के जानकार बताते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद ही अपने मंत्रियों के कामकाज की समय-समय पर समीक्षा करते रहते हैं और इसी समीक्षा के चलते मंत्रियों का कद तय किया जाता है. अरुण जेटली की बीमारी के चलते यह तो पहले से ही तय था कि इसकी जिम्मेदारी किसी और मंत्री को दी जाएगी, लेकिन इस चर्चा में स्मृति ईरानी कहीं नहीं थीं. जानकार बताते हैं कि कुछ मामलों को लेकर सूचना मंत्रालय काफी चर्चा में रहा था, अधिकारीवर्ग भी अपने मंत्री स्मृति ईरानी के फैसलों से खुश नहीं थे, जिसके चलते उनसे यह मंत्रालय ले लिया गया. 

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