कश्मीर में अब पत्थरबाजों और आतंकियों की खैर नहीं, रोबोट करेंगे इनसे मुकाबला

कश्मीर में आतंकियों और पत्थरबाजों से लोहा लेती भारतीय सेना को जल्द बडी राहत मिल सकती है. जी हां अब घाटी में आतंक से लडने में रोबोट सेना की मदद करेंगे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय इसके लिए रोबोटिक वेपन को मैदान में उतारने की योजना बना रहा है. ये रोबोट पत्थरबाजी की घटनाओं के अलावा आतंक के खिलाफ ऑपरेशन में सेना की मदद करेंगे.

अंतिम अपडेट: शनिवार अगस्त 12, 2017 - 05:13 PM IST
कश्मीर में अब पत्थरबाजों और आतंकियों की खैर नहीं, रोबोट करेंगे इनसे मुकाबला
आर्मी ने 544 रोबोट की मांग की है.( फाइल फोटो)

नई दिल्ली: कश्मीर में आतंकियों और पत्थरबाजों से लोहा लेती भारतीय सेना को जल्द बडी राहत मिल सकती है. जी हां अब घाटी में आतंक से लडने में रोबोट सेना की मदद करेंगे. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय इसके लिए रोबोटिक वेपन को मैदान में उतारने की योजना बना रहा है. ये रोबोट पत्थरबाजी की घटनाओं के अलावा आतंक के खिलाफ ऑपरेशन में सेना की मदद करेंगे.

सेना से जुडे सूत्रों के अनुसार, आर्मी ने 544 रोबोट की मांग की है. एक अधिकारी के अनुसार इस मंत्रालय ने इस मांग को मान लिया है. ये रोबोट्स युद्ध और हमले की स्थिति में संवेदनशील जगहों पर सेना को हथियार और गोला बारुद पहुंचाएंगे. फायरिंग रेंज होने की वजह से ऐसे स्थानों में सेना के जवानों को जान का खतरा होता है, लेकिन रिमोट संचालित ये रोबोट ऐसे हालत में आसानी से सेना की मदद कर सकेंगे. खास बात ये है कि ऐसे रोबोट्स देश में भी बनाए जा रहे हैं. आर्मी द्वारा ऐसे 544 रोबोट्स की जरूरत संबंधी प्रस्ताव को रक्षा मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है. 

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क मीडिया रिपोर्ट में लिखा है कि जम्मू कश्मीर में आतंक शहरों में भी पांव पसार रहा है. इस वजह से आर्मी को हाई टेक्नॉलजी की जरूरत अनिवार्य हो गई है. हल्के और मजबूत इन रोबोट्स में सर्विलांस कैमरा और ट्रांसमिशन सिस्टम की सुविधा होगी.  ये अपने मेन सेन्टर से 200 मीटर के रेंज में काम कर सकेंगे. आर्मी ने अपनी जरूरतों की लिस्ट में बताया है कि ये मशीनें ऐसी होनी चाहिए कि वे क्रिटिकल जगहों पर ग्रेनेड और हथियारों की डिलीवरी कर सकें.