#MeToo: स्मृति ईरानी बोलीं, 'सामने आने वाली महिलाओं को न किया जाए शर्मिंदा'

स्मृति ईरानी ने कहा कि इस मामले पर एमजे अकबर ही कोई अधिकृत बयान दे सकते हैं. क्योंकि, मैं वहां मौजूद नही थी, तो इस पर बयान देना सही नहीं होगा.

#MeToo: स्मृति ईरानी बोलीं, 'सामने आने वाली महिलाओं को न किया जाए शर्मिंदा'
फोटो सौजन्य: ANI

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने गुरुवार को मीटू अभियान के तहत विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि 'इस मामले पर एमजे अकबर ही कोई अधिकृत बयान दे सकते हैं. क्योंकि, मैं वहां मौजूद नहीं थी, तो इस पर बयान देना सही नही होगा. मैं सराहना करती हूं कि मीडिया अपनी महिला सहयोगियों का समर्थन कर रही है.' उन्होंने कहा कि 'जो भी महिलाएं इस मीटू अभियान में बोल रही हैं, उनको किसी भी तरह से शर्मिंदा या उनको पीड़ित या उनका मजाक नहीं करना चाहिए.' 

 

 

महिलाएं सम्मान और अपने सपनों को पूरा करने के लिए करती हैं काम- स्मृति
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 'एक औरत अपने सपनों को पूरा करने के लिए काम करती है. अगर उसके साथ कोई बुरा बर्ताव होता है, तो बिल्कुल सहन नहीं होना चाहिए. सोशल मीडिया पर जिस तरीके से अलग-अलग महिलाओं ने आकर अपने मन की बात रखी है, उनकी बातों को दबाने की जरा भी कोशिश नहीं करनी चाहिए. मुझे उम्मीद है कि इन सभी महिलाओं को न्याय मिलेगा.' स्मृति ने कहा कि जिन महिलाओं ने इस बारे में बोला है, हमें उनकी हिम्मत की दाद देनी चाहिए. 

दरअसल, मीटू अभियान के तहत हाल ही में केंद्रीय विदेश राज्‍य मंत्री एमजे अकबर पर भी आरोप लगे हैं. उन पर आरोप है कि जब वे संपादक थे तो उन्‍होंने कई महिला पत्रकारों का यौन उत्‍पीड़न किया. इस सिलसिले में कई पत्रकारों ने सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए अकबर पर सार्वजनिक रूप से आरोप लगाए हैं.

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