बर्खास्त IPS अफसर संजीव भट्ट गिरफ्तार, इस मामले में वकीलों ने की थी 1 साल तक हड़ताल

सीआईडी टीम संजीव भट्ट से पूछताछ कर रही है. इसके अलावा पूर्व पीआई व्यास को भी हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. इससे पहले संजीव भट्ट को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उनकी गिरफ्तारी कर ली गई.

बर्खास्त IPS अफसर संजीव भट्ट गिरफ्तार, इस मामले में वकीलों ने की थी 1 साल तक हड़ताल

नई दिल्ली/ गांधीनगर : गुजरात सीआईडी (क्राइम) ने 1998 के पालनपुर ड्रग प्लांटिंग केस में बर्खास्त आईपीएस अफसर संजीव भट्ट को गिरफ्तार कर लिया है.  संजीव भट्ट के अलावा 7 अन्य पुलिस अधिकारियों को भी गिरफ्तार किया गया है. 1998 में राजस्थान में पाली के एक वकील पर झूठे केस करने के मामले में संजीव भट्ट की ये गिरफ्तारी की गई है. सीआईडी टीम संजीव भट्ट से पूछताछ कर रही है. इसके अलावा पूर्व पीआई व्यास को भी हिरासत में लिया गया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. इससे पहले संजीव भट्ट को भी हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में उनकी गिरफ्तारी कर ली गई.

1998 के इस केस में राजस्थान के एक वकील पर होटल में अफीम रखने का केस लगाया गया था, बाद में ये केस झूठा साबित हुआ और पूरे देश में वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा. राजस्थान में वकीलों की हड़ताल एक साल तक चलती रही. इस केस में एक जज को सेवानिवृत्ति भी लेनी पड़ी थी.

ये है 1998 का केस  
1998 में संजीव भट्ट बनासकांठा एसपी के रूप में तैनात थे. उसी दौरान अहमदाबाद सेशंस जज आरआर जैन ने एक मामले में संजीव भट्ट से मदद मांगी थी. दरअसल जज आरआर जैन के नजदीक के रिश्तेदार फुटरमल की एक जमीन राजस्थान के पाली में थी. उनका पाली के वकील राज पुरोहित के साथ विवाद चल रहा था. ये विवाद मकान खाली करने को लेकर था. फुटरमल चाहते थे कि राजपुरोहित उनका मकान खाली करें, लेकिन वह उनका मकान खाली नहीं कर रहे थे. इसी मामले में संजीव भट्ट ने जज आरआर जैन की मदद की थी और मकान खाली कराया था. इसी मामले में कहा जाता है कि संजीव भट्ट ने वकील राजपुरोहित के खिलाफ होटल में अफीम रखाकर उन्हें फंसाया था.

इस केस में पुलिस वकील राजपुरोहित के सामने ड्रग प्लांटिंग का कोई सबूत पेश नहीं कर पाई. एक वकील के ऐसे केस में फंसने के कारण पूरे देश में इसका विरोध हुआ. खासकर राजस्थान में तो वकीलों ने एक साल तक हड़ताल की. इसके बाद राजस्थान सीआईडी ने एक केस दर्ज किया. इस मामले में जज आरआर जैन के रिश्तेदार फुटरमल की गिरफ्तारी हुई. इसी केस में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में एक मामला लंबित है. इसके बाद गुजरात हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई. मामले की गंभीरता को देखते हुए जज आरआर जैन को सेवानिवृत्ति लेने के लिए कहा गया. लेकिन इन सबके बावजूद संजीव भट्ट के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई. थोड़े दिनों पहले गुजरात हाईकोर्ट ने सीआईडी को इस मामले की जांच के लिए एक टीम बनाने का आदेश दिया गया था. इसके बाद संजीव भट्ट और दूसरे पुलिस अफसरों को पुलिस हिरासत में लिया गया है.

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