Video: पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हथियार के बल पर बैलेट बॉक्स पर हो रहा कब्जा

पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए 568 बूथों पर रिपोलिंग जारी है. सुबह से ही इसके लिए मतदान किया जा रहा है. हालांकि रिपोलिंग के दौरान भी हिंसा की खबर आ रही है.  हिंसा इतनी भड़की है कि पुलिस और रैपिड एक्सन फोर्स को चार्ज लेना पड़ा.

Video: पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव में हथियार के बल पर बैलेट बॉक्स पर हो रहा कब्जा
पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए 568 बूथों पर पुर्नमतदान हो रहा है. (फोटोःANI)

कोलकाताः पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव के लिए 568 बूथों पर रिपोलिंग जारी है. सुबह से ही इसके लिए मतदान किया जा रहा है. हालांकि रिपोलिंग के दौरान भी हिंसा की खबर आ रही है.  हिंसा इतनी भड़की है कि पुलिस और रैपिड एक्सन फोर्स को चार्ज लेना पड़ा. बुधवार को सुबह मालदा जिले में मतदान के दौरान कुछ अज्ञात लोगों ने बूथ संख्या 76 रातुआ को लूटने की कोशिश की गई थी. इस बारे में न्यूज एजेंसी एएनआई ने जानकारी दी. बताया गया कि हथियारों से लैस अज्ञात लोगों ने बूथ 76 से बैलेट बॉक्स को अपने कब्जे में ले लिया.

वहीं, उत्तर दिनाजपुर जिले के गोलपोखर में मतदान के दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा. दरअसल बूथ संख्या 36/37 पर मतदान की प्रक्रिया देर से शुरू हुई. इसे लेकर लोगों ने विरोध जताया. और हंगामा करने लगे.

इससे पहले सोमवार को 20 जिलों में हुए पंचायत चुनाव के मतदान के बाद चुनाव आयोग को भीषण हिंसा की शिकायत मिली थी. इसलिए पश्चिम बंगाल में 568 बूथों पर रिपोलिंग कड़ी सुरक्षा के बीच शुरु हुई. यहां 20 जिलों में 568 बूथों पर फिर से मतदान कराया जा रहा है. इनमें हुगली में 10 बूथों, पश्चिम मिदनापुर में 28 बूथ, कुचबिहार में 52 बूथ, मुर्शिदाबाद में 63 बूथ, नादिया में 60 बूथ, उत्तर 24 परगना में 59 बूथ, मालदा में 55 बूथ, उत्तर दिनाजपुर में 73 बूथ, उन्होंने कहा कि दक्षिण 24 परगान में 26 बूथ शामिल है.

पंचायत चुनाव के दौरान सोमवार को हुई हिंसा में करीब 10 लोगों की मौत हो गई थी. और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे. वहीं, बुधवार को रिपोलिंग के दौरान भी हिंसा जारी है. बूथ पर अज्ञात लोगों ने हथियार के बल पर कब्जा जमा लिया है. बैलेट बॉक्स को अपने कब्जे में रखा है. बता दें कि चुनाव के बाद मतगणना 17 मई यानी की कल होने वाली है.

वहीं, चुनाव आयोग ने रिपोलिंग को निष्पक्ष और स्वतंत्र बनाने के लिए राज्य सरकार और पुलिस को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था का इंतजाम करने को कहा गया है. हालांकि राज्य सरकार इसमें नाकाम दिख रही है. सोमवार को मतदान के दौरान हुई हिंसा के लिए राज्य सरकार ममता बनर्जी की देशभर में आलोचना हुई थी. पीएम मोदी ने भी इस घटना को लोकतंत्र की हत्या की संज्ञा दी थी.

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