राजपिपला के राजकुमार मानवेन्द्र सिंह बनवा रहे हैं देश का पहला गे-ओल्ड एज हाउस

राजपिपला के प्रिंस मानवेन्द्र सिंह गोहिल समलैंगिकों के लिए देश का पहला गे-ओल्ड ऐज होम बनवाने जा रहे हैं

राजपिपला के राजकुमार मानवेन्द्र सिंह बनवा रहे हैं देश का पहला गे-ओल्ड एज हाउस
मानवेन्द्र सिंह खुद भी समलैंगिक हैं और समलैंगिकों के हक की लड़ाई लड़ने वाले लक्ष्य ट्रस्ट के प्रमुख हैं

जयेश दोसी, नर्मदा: भारत में दो व्यस्कों के बीच का समलैंगिक संबंध अब तक अनैतिक और अपराध माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्योंकि इस तरह का फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिया गया है. ऐसी उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कई समलैंगिक लोग अपने संबंधों को लेकर खुलकर सामने आएंगे. ऐसी आशंका जाहिर की जा रही है कि समलैंगिकों के सामने आने के बाद ऐसे लोगों के लिए वृद्धा अवस्था में काफी मुश्किलें सामने आ सकती हैं या उन्हें समाज में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है. हो सकता है कि उस स्थिति में उन लोगो को सामन्य जन अपने आसपास आसपास न रहने दें. इसी बात को ध्यान में रखकर राजपिपला के प्रिंस मानवेन्द्र सिंह गोहिल समलैंगिकों के लिए देश का पहला गे-ओल्ड ऐज होम बनवाने जा रहे हैं. गौरतलब है कि मानवेन्द्र सिंह खुद भी समलैंगिक हैं और समलैंगिकों के हक की लड़ाई लड़ने वाले लक्ष्य ट्रस्ट के प्रमुख हैं.

नर्मदा नदी के किनारे बनेंगे 50 से ज्यादा कॉटेज
नर्मदा नदी के किनारे पर स्थित नांदोद तालुका के हनुमंतेश्वर गांव के नजदीक अभी तीन कमरों के बने कॉटेज को गे-ओल्ड ऐज हॉउस के रूप में पहचाना जाता है. लेकिन आने वाले दिनों में यहां खास तरह की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी. अब यहां 15 एकड़ की जमीन के इलाके में 50 से ज्यादा कॉटेज और कमरे बनाये जायेंगे.

राजपिपला के राजकुमार मानवेन्द्रसिंह बनवा रहे हैं
गौरतलब है कि कोर्ट द्वारा हाल ही में समलैंगिक संबंधों को मंजूरी देने वाला फैला दिया गया है, इसको लेकर अब देश भर से समलैंगिक खुलकर सामने आएंगे और उसके बाद अगर उनके परिवार वाले उनका त्याग कर देते हैं तो ऐसी परिस्थिति में उनको आसरा मिले जिसके लिए राजपिपला के राजकुमार मानवेन्द्रसिंह द्वारा यह गे-ओल्ड ऐज हॉउस बनाया जा रहा है.

जुलाई 2019 तक तमाम सुविधाएं हो सकती हैं उपलब्ध
यहां सिर्फ रहने की ही सुविधा नहीं होगी. बल्कि यहां इन समलैंगिकों को व्यवसाय भी उपलब्ध हो इसके लिए प्रधानमंत्री कौशल केंद्र भी बनवाया जाएगा. ऐसे लोगों के लिए संगीत थेरेपी द्वारा आत्मशांति के लिए व्यवस्था की जाएगी. फिलहाल मानवेन्द्रसिंह इस कार्य के लिए पैसा इकठ्ठा कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक जुलाई 2019 तक यहां तमाम सुविधाएं उपलब्ध हो सकें ऐसा प्रयास किया जा रहा है.

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