हमारा शक सही साबित हुआ, हार्दिक के आंदोलन के पीछे है कांग्रेस का हाथ : गुजरात सरकार

गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने कहा कि हार्दिक के आवास पर उससे मिलने गये कांग्रेस के नेता ‘बीजेपी विरोधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी’ हैं.

हमारा शक सही साबित हुआ, हार्दिक के आंदोलन के पीछे है कांग्रेस का हाथ : गुजरात सरकार
हार्दिक किसानों के लिए कर्ज में छूट तथा पाटीदारों को सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा क्षेत्र में ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले 11 दिन से बेमियादी अनशन पर हैं. (फाइल फोटो साभार : @HardikPatel)

अहमदाबाद: गुजरात सरकार ने मंगलवार को दावा किया कि पाटीदार नेता हार्दिक पटेल का आरक्षण आंदोलन कांग्रेस के समर्थन वाली राजनीति से प्रेरित मुहिम है. पहली बार बीजेपी सरकार ने 25 वर्षीय हार्दिक के आंदोलन पर प्रतिक्रिया दी है जो किसानों के लिए कर्ज में छूट तथा पाटीदारों को सरकारी नौकरियों एवं शिक्षा क्षेत्र में ओबीसी श्रेणी के तहत आरक्षण देने की मांग को लेकर पिछले 11 दिन से बेमियादी अनशन पर हैं.

गुजरात के ऊर्जा मंत्री सौरभ पटेल ने एक बयान में कहा,‘पाटीदार आरक्षण आंदोलन कांग्रेस के समर्थन वाली राजनीतिक मुहिम है. तीन साल पहले आंदोलन शुरू होने के समय से हमें संदेह था कि इसके पीछे कांग्रेस है. अब हमारा संदेह सच हो गया है.’

'आरक्षण आंदोलन राजनीति से प्रेरित है'
सौरभ ने कहा कि हार्दिक के आवास पर उससे मिलने गये कांग्रेस के नेता ‘बीजेपी विरोधी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विरोधी’ हैं. मंत्री ने कहा,‘आरक्षण आंदोलन राजनीति से प्रेरित है. कांग्रेस को आरक्षण को लेकर अपना रुख साफ करना होगा, जब उच्चतम न्यायालय और कई उच्च न्यायाल पहले ही साफ कर चुके हैं कि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता.’’

उन्होंने हार्दिक पटेल से डॉक्टरों को मेडिकल जांच करने देने का आग्रह किया.  ऊर्जा मंत्री ने कहा,‘हमें उनकी सेहत की भी फिक्र है. हमारी सरकार चाहती है कि वह डॉक्टरों के साथ सहयोग करें.’

अपनी वसीयत जारी कर चुके हैं हार्दिक 
इससे पहले अपनी भूख हड़ताल के नौवें दिन रविवार (2 सितंबर) को हार्दिक पटेल ने अपनी वसीयत जारी की। एक पाटीदार नेता ने कहा कि पटेल ने अपने माता-पिता, एक बहन, 2015 में कोटा आंदोलन के दौरान मारे गए 14 युवाओं के परिजनों और अपने गांव के पास एक पंजरापोल (बीमार और पुरानी गायों के लिए आश्रय) के बीच अपनी संपत्ति का वितरण किया है। पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के प्रवक्ता मनोज पनारा ने कहा कि पटेल ने अपनी मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की इच्छा व्यक्त की है। 

(इनपुट - भाषा)