सूरत: आवारा गाय पकड़ने गए निगमकर्मियों पर भीड़ का हमला, गाड़ी में बैठकर बचाई जान

नगर निगम के बाजार अधीक्षक डॉ. प्रफुल्ल मेहता ने कहा कि आवारा पशुओं को पकड़ने वाले निगम कर्मियों पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं

सूरत: आवारा गाय पकड़ने गए निगमकर्मियों पर भीड़ का हमला, गाड़ी में बैठकर बचाई जान
भारत-श्रीलंका गाले टेस्ट पहला दिन (PIC : BCCI)

सूरत: गुजरात के सूरत शहर में एक आवारा गाय को पकड़ने पर लोगों की एक भीड़ ने सूरत नगर निगम की एक टीम पर हमला कर दिया, जिसके कारण टीम में शामिल निगम कर्मियों को करीब एक घंटे तक अपनी गाड़ी में बैठे रहना पड़ा.  यह घटना बीते सोमवार को सूरत के अमरोली इलाके में हुई. लेकिन नगर निगम के एक कर्मी इस बाबत पुलिस में शिकायत गुरुवार को दर्ज कराई. 

नगर निगम के सफाई उप-निरीक्षक हर्षद केरोडे की ओर से दी गई शिकायत के मुताबिक, नगर निगम को एक आवारा गाय द्वारा उधम मचाने की सूचना मिली थी, जिसके बाद वह और उनकी टीम अमरोली इलाके के वात्सल्य रेजिडेंसी पहुंची और गाय को पकड़ लिया. 

50 से भी ज्यादा लोगों की भीड़ ने किया हमला
शिकायत के मुताबिक, लेकिन कुछ ही देर के भीतर 50 से भी ज्यादा सदस्यों की एक भीड़ मौके पर पहुंच गई और गाय पकड़ने को लेकर नगर निगम की टीम को मारने-पीटने लगी. 

पुलिस ने बताया, ‘निगम कर्मियों को अपने वाहन में शरण लेनी पड़ी. लेकिन भीड़ ने गाड़ी घेर ली और कुछ लोग तो गाड़ी पर चढ़ भी गए.’  हिंसक भीड़ के कारण निगम कर्मियों को करीब एक घंटे अपनी गाड़ी में ही बैठे रहना पड़ा. भीड़ ने गाय को पकड़ने वाली टीम में शामिल रहे कुछ दलित कर्मियों को गालियां भी दीं. 

पुलिस के पहुंचने पर जा सकी निगम की टीम
पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद ही निगम कर्मियों को वहां से जाने दिया गया. नगर निगम के बाजार अधीक्षक डॉ. प्रफुल्ल मेहता ने कहा कि आवारा पशुओं को पकड़ने वाले निगम कर्मियों पर हमले की घटनाएं बढ़ गई हैं. 

मेहता ने कहा, ‘हमने राज्य सरकार से मांग की है कि अहमदाबाद नगर निगम की तर्ज पर सूरत नगर निगम के दस्ते को राज्य रिजर्व पुलिस की टीमें मुहैया कराई जानी चाहिए. राज्य रिजर्व पुलिस के जवानों को ऐसी सूचनाओं पर हमारी टीमों के साथ जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हमले नहीं हों.’

(इनपुट - भाषा)

 

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