उत्तराखंडः NH-74 घोटाले में कांग्रेस के खातों की होगी फिर से जांच

गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के खाते में करोड़ों रुपए चुनावी फंड के रूप में जमा किए गए थे. एसआईटी और सरकार को शक है की एनएच 74 घोटाले की रकम का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस को चंदे के रुप में दिया गया.

उत्तराखंडः NH-74 घोटाले में कांग्रेस के खातों की होगी फिर से जांच
एसआईटी के पास एनएच घोटाले में ऐसे कई दस्तावेज हैं जिनसे कांग्रेस को परेशानी हो सकती है. फाइल फोटो (DNA)

मनमोहन भट्ट, देहरादूनः एनएच 74 घोटाले मामले पर अब कांग्रेस की मुश्किल बढ़ सकती है. मामले की जांच कर रही एसआईटी जल्द ही कांग्रेस के खाते फिर से खंगाल सकती है. इस मामले में हाल ही में 2 आईएएस अधिकारियों को सस्पेंड करने के बाद मामले की जांच में और तेजी आ गई है. एसआईटी अपनी एक रिपोर्ट सरकार को भेज चुकी है और जल्द ही दूसरी रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है.

त्रिवेंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हो रही कांग्रेस को घेरने के लिए अब सरकार तैयारी में जुट गई है. खबर है की एसआईटी के पास एनएच घोटाले में ऐसे कई दस्तावेज हैं जिनसे कांग्रेस को परेशानी हो सकती है. एसआईटी इस मामले पर अब सिर्फ राज्य सरकार के अगले आदेश का इंतजार कर रही है. इधर राज्य सरकार ने इस बात के संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में कांग्रेस के खाते में आए पैसे का हिसाब मांगा जा सकता है . 

गौरतलब है कि 2017 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के खाते में करोड़ों रुपए चुनावी फंड के रूप में जमा किए गए थे. एसआईटी और सरकार को शक है की एनएच 74 घोटाले की रकम का एक बड़ा हिस्सा कांग्रेस को चंदे के रुप में दिया गया. इस मामले पर एसआईटी एक बार पहले भी तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय से पूछताछ कर चुकी है.

इस मामले पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट ने सीधा-सीधा कांग्रेस से सवाल पूछा है कि "वह बताएं कि उसके खाते में पैसे कहां से आए थे". दूसरी तरफ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने भी साफ कहा कि " जो जांच हमने बैठाई उसमे कोई पक्षपात नही होगा. विपक्ष इसमे घिरा हुआ है. ये घोटाला उसके शासनकाल में हुआ है. उनके ही संरक्षण में हुआ है. हमारे को संरक्षणकर्ताओं तक पहुचना है. इसमे अगर किसी दूसरी जांच एजेंसी की भी मदद लेनी पड़ी तो उसे लिया जाएगा." इधर प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि " सरकार ये बताये की नेशनल हाइवे के अधिकारियों से पूछताछ के बिना ये जांच कैसे पूरी होगी" . खबर है कि इस मामले में नेशनल हाईवे ने अपने अधिकारियों के खिलाफ एसआईटी को पूछताछ की इजाजत नहीं दी है.

जाहिर है आने वाले दिनों में उत्तराखंड में स्थानीय निकाय चुनाव होने हैं और उसके बाद अगले साल लोकसभा चुनाव की तैयारी में भी दोनों ही पार्टियां जुटी हुई है. लिहाजा दोनों पार्टियां एक ऐसा मुद्दा तलाश रही है जिसे वह चुनाव में भुना सके. अब देखना यह है कि दोनों ही दलों में से कौन अपनी बात जनता को बेहतर तरीके से समझा पाने में कामयाब होता है. लेकिन एनएच घोटाले में आने वाले कुछ दिनों में नया मोड़ आ सकता है.

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