....तो ट्रेनों से खत्म हो जायेंगे AC-2 कोच, बढ़ सकता है बेसिक किराया!

मीडिया सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे अपनी सभी ट्रेनों से  धीरे धीरे AC-2 कोच खत्म करने की योजना बना रही है. वहीं, रेलवे इसकी जगह AC-3 कोच बढ़ाएगी. हाल में रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सिर्फ AC-3 कोच ही सबसे ज्यादा मुनाफा कमा कर देता है.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Apr 21, 2017, 05:17 PM IST
....तो ट्रेनों से खत्म हो जायेंगे AC-2 कोच, बढ़ सकता है बेसिक किराया!
....तो ट्रेनों से खत्म हो जायेंगे AC-2 कोच, बढ़ सकता है बेसिक किराया!

नई दिल्ली: मीडिया सूत्रों के मुताबिक भारतीय रेलवे अपनी सभी ट्रेनों से  धीरे धीरे AC-2 कोच खत्म करने की योजना बना रही है. वहीं, रेलवे इसकी जगह AC-3 कोच बढ़ाएगी. हाल में रेलवे की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सिर्फ AC-3 कोच ही सबसे ज्यादा मुनाफा कमा कर देता है.

इसीलिए माना जा रहा है कि रेलवे नॉन-एसी स्लीपर कोच की संख्या घटाकर भी AC-3 कोच बढ़ाए जा सकते हैं और कम रिस्पॉन्स के चलते 143 ट्रेनों में फ्लैक्सी फेयर सिस्टम को भी वापस लिया जा सकता है. इसकी जगह सभी ट्रेनों के बेसिक फेयर में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी होने की उम्मीद है.

और पढ़ें :Zee जानकारी : जानिए! भारतीय रेल और रेल बजट की रोचक बातें

रेलवे के सूत्रों के मुताबिक कि AC-3 के कोच से ऑपरेशनल कॉस्ट निकल रही है. जो पैसेंजर ट्रेनें पूरी तरह से AC-3 हैं, उनसे रेलवे को प्रॉफिट भी हो रहा है. रेलवे की अब कोशिश रहेगी कि ट्रेनों में नॉन-एसी स्लीपर कोच भी कम करें और उनकी जगह AC-3 के डिब्बे बढ़ाएं जाएं.

करीब 30-40% यात्री अब एसी-3 का सफर चाहने लगे हैं!

रेलवे का तर्क है कि एसी-2 के लिए उसी समय मांग होती है. जब एसी-3 में जगह नहीं होती. स्लीपर में चलने वाले करीब 30-40% यात्री अब एसी-3 का सफर चाहने लगे हैं.

जिन पैसेंजर ट्रेनों में अभी 20 या 22 कोच लगते हैं, उन्हें बढ़ाकर 24 किया जा सकता है. ऐसी ट्रेनों में जो एक्स्ट्रा कोच बढ़ाए जाएंगे, वो AC-3 के ही रहेंगे. 

रेलवे के पिछले साल के आंकड़ों के मुताबिक AC-3 कोच ने उसे सबसे ज्यादा कमाई करके दी है. इसीलिए रेलवे अधिकारियों का कहना है कि एसी-2 के लिए उसी समय मांग होती है.जब एसी-3 में जगह नहीं होती. स्लीपर में चलने वाले करीब 30-40 फीसदी यात्री अब एसी-3 का सफर चाहने लगे हैं.