आतंकी मनन वानी की मौत पर AMU में सभा का आयोजन, प्रशासन ने उठाया ये कदम

AMU के रजिस्ट्रार ने कहा कि इस मामले में 3 छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है.

आतंकी मनन वानी की मौत पर AMU में सभा का आयोजन, प्रशासन ने उठाया ये कदम
हिजबुल आतंकी मनन वानी. (फोटो साभार सोशल मीडिया)
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अलीगढ़: जम्मू-कश्मीर के हंदवाड़ा में बुधवार की रात को सुरक्षाबलों ने हिजबुल के दो आतंकियों को मार गिराया. इनमें से एक आतंकी मनान वानी पूर्व में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र रह चुका है. गुरुवार को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुछ छात्र उसकी मौत पर एकजुट हुए. जिसके बाद बवाल मच गया. इस मामले को लेकर AMU के रजिस्ट्रार ने कहा कि एकजुट हुए तीन छात्रों को सस्पेंड कर दिया गया है. रजिस्ट्रार ने कहा कि वह पहले AMU का छात्र था, लेकिन उसे निष्कासित कर दिया गया था. अब इस मामले में AMU का कोई लेना-देना नहीं है.

मनान वानी ने जनवरी के महीने में PhD की पढ़ाई बीच में छोड़कर आतंकी संगठन हिजबुल को ज्वाइन किया था. बता दें, 6 जनवरी 2018 को उसे दिल्ली से कश्मीर जाना था. इसी दौरान उसकी एके-47 के साथ तस्वीर सोशल मीडिया पर आ गई थी. यह खबर मिलते ही AMU प्रशासन ने उसे यूनिवर्सिटी से निष्काषित कर दिया था.

 

 

उस दौरान AMU की तरफ से मिली जानकारी में कहा गया था कि वह 26 साल का था और यहां भूगर्भ विज्ञान (जियोलॉजी) में PhD की पढ़ाई कर रहा था. अटेंडेंस रजिस्टर में वह आखिरी बार दो जनवरी को यूनिवर्सिटी पहुंचा था. AMU प्रशासन ने कहा था कि विश्वविद्यालय में छह जनवरी से होने वाली स​र्दी की छुटि्टयों से पहले ही वह अपने घर चला गया था.

Manan Wani
मनन वानी पूर्व में AMU में PhD की पढ़ाई कर रहा था, बाद में उसे निष्कासित कर दिया गया था.

मनान वानी कुपवाड़ा जिले के ताकीपुरा गांव का रहने वाला था. जनवरी महीने में जब उसने हिजबुल को ज्वाइन किया था, उस वक्त उसने AK-47 के साथ सोशल मीडिया पर अपनी फोटो डाला था. बता दें, मनान के पिता प्रिंसिपल हैं, जबकि एक भाई इंजीनियर है.

Manan Wani

जब उसने आतंकी संगठन को ज्वाइन किया था उस वक्त जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर उसे सरेंडर करने की अपील की थी. उसी दौरान आतंकी सैयद सलाहुद्दीन ने वानी के आतंकी संगठन में शामिल होने की पुष्टि की थी. जनवरी के बाद से मनान वानी लगातार सुरक्षाबलों के निशाने पर था. फिलहाल, एनकाउंटर के बाद उसके शव को परिजनों को सौंप दिया गया. उसकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग मौजूद रहे.

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