पुल हादसा: मायावती ने जताया दुख- सिर्फ 'मन पर बोझ' कहना सही नहीं, दोषियों पर कार्रवाई करे सरकार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हुए पुल हादसे पर दुःख प्रकट करते हुये मायावती ने कहा कि यह अत्यन्त ही गंभीर और आपराधिक लापरवाही का मामला है.  

पुल हादसा: मायावती ने जताया दुख- सिर्फ 'मन पर बोझ' कहना सही नहीं, दोषियों पर कार्रवाई करे सरकार
वाराणसी में मंगलवार को निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था. (फोटो एएनआई)
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लखनऊ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में हुए पुल हादसे पर दुःख प्रकट करते हुये बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने बुधवार(16 मई) को कहा कि यह अत्यन्त ही गम्भीर और आपराधिक लापरवाही का मामला है, और सरकार को इसे हल्के में नहीं लेना चाहिये. गौरतलब है कि चलते ट्रैफिक के दौरान वाराणसी में निर्माणाधीन पुल का एक बड़ा हिस्सा गिर गया था, जिससे इस घटना में 18 लोगों की मौत हो गयी थी. मायावती ने बुधवार(16 मई) को यहां बयान जारी कर कहा कि इस घटना की तुरन्त ही उच्च-स्तरीय जाँच कराकर दोषियों को कड़ी-से-कड़ी सज़ा दिलानी चाहिए, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसे को दोबारा होने से रोका जा सके.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि घोर आपराधिक लापरवाही के ऐसे संगीन मामलों में शीर्ष नेता सस्ती मानसिकता दिखा कर केवल 'मन पर बोझ' बता देते हैं और जिम्मेदारी से मुक्ति पाने का प्रयास करते हैं जो सही नहीं है. उन्होंने कहा कि इसके लिये कुछ ठोस सुधारात्मक कार्रवाई और उपाय करने की सख़्त जरूरत है.

मायावती ने कहा कि दोषियों की पहचान करके सजा सुनिश्चित करे 
मायावती ने कहा कि अक्सर यही देखा गया है कि सरकार पीड़ित परिवारों व घायलों आदि को अनुग्रह राशि आदि देकर अपने आपको जिम्मेदारी से मुक्त समझ लेती है जबकि इसके साथ-साथ सरकार का असली कर्तव्य है कि वह दोषियों की पहचान करके सजा सुनिश्चित करे ताकि घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो. 

उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा नहीं होने के कारण ही प्रदेश में लगातार गम्भीर आपराधिक घटनायें होती चली जा रही हैं. प्रदेश में जमीनी स्तर पर हर तरफ हिंसा, अराजकता व जंगलराज जैसा माहौल है . मायावती ने कहा कि अपराध नियंत्रण व कानून-व्यवस्था के साथ- साथ खासकर दलितों व पिछड़ों के विरुद्ध जातिगत द्वेष, हिंसा व अन्याय-अत्याचार के मामले भी उत्तर प्रदेश में रुकने का नाम ही नहीं ले रहे हैं. इतना ही नहीं बल्कि ऐसे मामलो में अपराधियों को खुलेआम पुलिस व सरकारी संरक्षण मिलने के कारण स्थिति अत्यन्त ही गम्भीर बनती जा रही है.

इनपुट भाषा से भी 

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