अब अयोध्‍या में साधु के भेष में नहीं छिप पाएंगे अपराधी, पुलिस उठा रही यह कदम

अयोध्‍या की पुलिस करा रही है साधु और संतों का पुलिस वेरीफिकेशन.

अब अयोध्‍या में साधु के भेष में नहीं छिप पाएंगे अपराधी, पुलिस उठा रही यह कदम
अयोध्‍या में साधु-संतों के भेष में छिपते हैं अपराधी.

अयोध्‍या : अयोध्‍या में अब अपराधी साधु के भेष में नहीं छिप पाएंगे. उनके इन मंसूबों को बे‍कार करते हुए पुलिस ने जरूरी कदम उठाए हैं. अयोध्‍या पुलिस अब मठ और मंदिरों में रहने वाले साधु और संतों का वेरीफिकेशन कर रही है. इन साधु संतों का पुलिस की ओर से रजिस्‍टर भी बनाया जा रहा है.
प्रदेश में आपपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाने के मकसद से अपराधियों पर भी नकेल कसी जा रही है. इसी क्रम में अयोध्‍या में पुलिस साधु के भेष में छिपकर रहने वाले अपराधियों को पकड़ने की दिशा में काम कर रही है. दरअसल अपराधी पुलिस से छिपने के लिए साधु का भेष धरकर अयोध्‍या में रहने लगते हैं. पुलिस इसीलिए इनपर कार्रवाई करना चाहती है.

पुलिस वेरीफिकेशन में साधु और संतों की पूरी डिटेल मांगी जा रही है. इसकी जांच भी की जा रही है. इसमें साधु और संतों का जन्‍म स्‍थान, पहचान, आपराधिक रिकॉर्ड समेत कई अहम जानकारियों जुटाई जा रही हैं. इस रजिस्‍टर के जरिये किसी भी संत की समय रहते पहचान की जा सकती है. पुलिस की इस मुहिम का समर्थन साधु समाज भी कर रहा है. धर्मनगरी अयोध्या में संतों का रजिस्टर मेंटेन किया जा रहा है. अयोध्या पुलिस पिछले तीन महीनों से सभी मठ मंदिरों में रहने वाले साधुओं की डिटेल रजिस्टर में भर रही है. बाकायदा साधुओं का निवास स्थान, जन्म स्थान का पुलिस सत्यापन करा रही है. 

कई साल से अयोध्या में अपराधी अपराध करने के बाद साधू वेश में रह कर अपनी अपराधिक गतिविधियों को छिपाते रहे हैं. साथ ही यहां से ही इन गतिविधियों का संचालन भी करते रहे हैं. कई बार बिहार समेत अन्य राज्यों की पुलिस साधू भेषधारी अपराधियों को गिरफ्तार भी कर चुकी है. पुलिस की ओर से साधुओं के सत्यापन को लेकर संतों ने भी खुशी जाहिर की है. संतों का कहना है कि साधू भेष में अपराधी अयोध्या में रहकर अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं.

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