मथुरा: 17 सितंबर को राधा अष्टमी, बरसाना में तैयारियां जोरों पर

 बरसाना के करीब 600 फुट ऊंचे ब्रह्मांचल पर्वत स्थित लाड़िली जू मंदिर को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारियां चल रही हैं.

मथुरा: 17 सितंबर को राधा अष्टमी, बरसाना में तैयारियां जोरों पर
(फोटो साभार सोशल मीडिया)
Play

मथुरा: कृष्ण जन्माष्टमी के बाद अब ब्रज की अधिष्ठात्री देवी राधारानी का जन्मोत्सव 17 सितंबर को राधाष्टमी के रूप में मनाया जाएगा. इसके लिए बरसाना के लाड़िली जू मंदिर से लेकर वृन्दावन के राधावल्लभ मंदिर तक तैयारियां बड़े जोरों पर चल रही हैं. बरसाना के करीब 600 फुट ऊंचे ब्रह्मांचल पर्वत स्थित लाड़िली जू (यहां राधारानी को प्यार से यही नाम दिया गया है) मंदिर को दुल्हन की तरह सजाने की तैयारियां चल रही हैं. मंदिर के सेवायतों के साथ ही उनके भक्तजन भी आयोजन को भव्य एवं दिव्य मनाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाह रहे.

जिस प्रकार कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं का रेला श्रीकृष्ण जन्मस्थान की ओर उमड़ता है, उसी प्रकार राधाष्टमी पर उनका रुख बरसाना की ओर हो जाता है. लेकिन वे राधा और कृष्ण की लीलास्थली वृन्दावन होने के कारण वहां भी इस अवसर धूमधाम कम नहीं रहती. पांच सदी पूर्व से चली आ रही परम्पराओं के अनुसार राधाष्टमी के अवसर पर 17 सितम्बर की रात अठखम्भा स्थित राधावल्लभ लाल मंदिर से चाव (बधाई यात्रा) निकाली जाएंगी. जो नगर के सभी प्रमुख बाजारों का भ्रमण करती हुई निधिवन राज मंदिर पर समाप्त होंगी. इसी प्रकार बांकेबिहारी मंदिर से भी ऐसी ही यात्रा निकाली जाएगी.

Krishna Janmashtami, Janmashtami, Janmashtami 2018
(फोटो साभार सोशल मीडिया)

बांकेबिहारी मंदिर के संस्थापक संगीत सम्राट स्वामी हरिदास का भी जन्म इसी दिन हुआ था. इसलिए टटिया स्थान पर राधाष्टमी पर्व व स्वामी हरिदास का आविर्भाव महोत्सव एक साथ मनाया जाएगा. सुबह महाभिषेक के साथ दोपहर को समाज गायन और शाम को दर्शन होंगे. इसी प्रकार, हरिदास नगर के हरिदास रसोपासना केंद्र में 10 सितंबर से नौ दिवसीय स्वामी हरिदास आविर्भाव महोत्सव मनाया जाएगा.18 सितंबर को शोभायात्रा के साथ महोत्सव का समापन होगा.

आविर्भाव महोत्सव पर बन महाराज कॉलेज प्रांगण में 17 और 18 सितंबर को संगीत एवं नृत्य महोत्सव का आयोजन किया जाएगा. जिसके दूसरे दिन सूफी गायन के साथ कवि सम्मेलन होगा. राधासनेह बिहारी मंदिर में हरिदास संगीत सम्मेलन 20 व 21 सितंबर को होगा.

(इनपुट-भाषा)

By continuing to use the site, you agree to the use of cookies. You can find out more by clicking this link

Close