अब आप घर बैठे ही फोन पर ले सकेंगे डॉक्टर से सलाह

 उत्तर प्रदेश के दूर दराज के गांवों के गरीब लोग भी अब घर बैठे बस एक फोन पर अपने स्वास्थ्य के बारे में विशेषज्ञ डाक्टरों से परामर्श ले सकेंगे. यह सुविधा नए साल से शुरू होगी और दिन के सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध होगी. 

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: रविवार जुलाई 23, 2017 - 02:09 PM IST
अब आप घर बैठे ही फोन पर ले सकेंगे डॉक्टर से सलाह
अब घर बैठे बस एक फोन पर अपने स्वास्थ्य के बारे में विशेषज्ञ डाक्टरों से परामर्श ले सकेंगे. (FILE PHOTO)

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश के दूर दराज के गांवों के गरीब लोग भी अब घर बैठे बस एक फोन पर अपने स्वास्थ्य के बारे में विशेषज्ञ डाक्टरों से परामर्श ले सकेंगे. यह सुविधा नए साल से शुरू होगी और दिन के सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध होगी. उत्तर प्रदेश सरकार का स्वास्थ्य विभाग इस योजना पर तेजी से काम कर रहा है. उम्मीद जताई जा रही है कि सूबे की जनता को घर बैठे स्वास्थ्य परामर्श का तोहफा नये साल की शुरूआत में ही मिल जाएगा.

स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने रविवार को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सोच है कि हर गरीब को चिकित्सा सुविधा उसके घर पर या उसके घर के आसपास मिले. किसी मरीज को इलाज के लिये अस्पताल दर अस्पताल भटकना न पड़े. मुख्यमंत्री की इसी सोच को साकार करने के लिये प्रदेश का स्वास्थ्य विभाग इस योजना पर काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन नामक इस योजना के अन्तर्गत पूरे प्रदेश को पांच भागों में बांटा जा रहा है. इसके तहत प्रदेश के पांच बडे शहरों में एक एक कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम चौबीसों घंटे तैनात रहेगी और पूरे प्रदेश के कंट्रोल रूम का एक ही टोल फ्री नंबर होगा.

दूर गांव में बैठा कोई मरीज जब अपनी सर्दी जुकाम, पेट दर्द या अन्य किसी बीमारी के बारे में इस कंट्रोल रूम के टोल फ्री नंबर पर फोन करेगा तो डाक्टर उसे उचित परामर्श देंगे. अगर मान लीजिये डॉक्टर की सलाह पर ली गयी दवा से मरीज एक दो दिन में ठीक नही होता है तो मरीज फिर कंट्रोल रूम को फोन करेगा. तब डॉक्टर उसे अपने खून की जांच कराने को कहेंगे लेकिन, यह खून की जांच कराने के लिए भी मरीज को अपने घर से कहीं दूर जाना नही पड़ेगा.

मरीज के करीब के स्वास्थ्य केंद्र का एक कर्मचारी मरीज के घर जाकर उसके खून का सैम्पल लेगा और कंट्रोल रूम में बैठे डॉक्टर को उसकी रिपोर्ट भेज देगा. इस जांच का कोई पैसा मरीज को नहीं देना होगा. तब कंट्रोल रूम में बैठा डॉक्टर उस मरीज को एक नंबर एलॉट कर देगा और वह नंबर मरीज को संदेश द्वारा बता दिया जायेगा.