UP: बीजेपी को हराने के लिए SP-BSP, कांग्रेस साथ लड़ेंगे चुनाव, ये रहेगा सीट शेयरिंग का फॉर्मूला

यूपी में महागठबंधन को लेकर पहले राउंड की बातचीत शुरू हुई. उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं. 

UP: बीजेपी को हराने के लिए SP-BSP, कांग्रेस साथ लड़ेंगे चुनाव, ये रहेगा सीट शेयरिंग का फॉर्मूला
सूत्रों ने ज़ी न्यूज को बताया कि एसपी-बीएसपी में आधी आधी सीटों पर बंटवारा होगा.

लखनऊ: 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को शिकस्त देने के लिए समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और कांग्रेस के बीच उत्तरप्रदेश में महागठबंधन के फॉर्मूले पर चर्चा हुई. सूत्रों ने ज़ी न्यूज को बताया कि  एसपी-बीएसपी-कांग्रेस-RLD-निषाद पार्टी-महान दल-अपना दल (कृष्णा पटेल गुट) समेत कुछ अन्य छोटे दलों का महागठबंधन होगा. उत्तर प्रदेश में कुल 80 लोकसभा सीटें हैं. 

सूत्रों ने ज़ी न्यूज को बताया कि एसपी-बीएसपी में आधी आधी सीटों पर बंटवारा होगा. बीएसपी के कोटे में कांग्रेस और एसपी के कोटे में RLD-निषाद पार्टी समेत अन्य छोटे दल शामिल होंगे. यानी बीएसपी अपने कोटे से कांग्रेस को यूपी में सीटें देगी, क्योंकि कांग्रेस एमपी, छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव में बीएसपी को सीटें दे रही है. एसपी अपने कोटे से RLD-निषाद पार्टी, महान दल और अन्य छोटे दलों को सीटें देगी. 

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस को महागठबंधन में 10 सीटें, RLD-3, निषाद पार्टी- 1, महान दल- 1, कृष्णा पटेल- 1, अन्य छोटे दलों को 1-2 सीटें देने पर चर्चा जारी है. एसपी-बीएसपी दोनों को 31-32 सीटें महागठबंधन में मिलने की चर्चा. महागठबंधन को लेकर अभी बातचीत जारी है, अभी इस फॉर्मूले पर सिर्फ चर्चा शुरू हुई है. 

गठबंधन पर चर्चा हाल ही में कैराना सीट पर हुए आरएलडी के उम्मीदवार तबस्सुम हसन को मिली जीत के बाद हुई है. तबस्सुम हसन विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार थीं जिन्होंने बीजेपी की मृगांका सिंह को 50000 से अधिक वोटों से मात दी थी. इससे पहले मार्च में गोरखपुर और फूलपुर उपचुनाव में भी बीजेपी को विपक्ष से हार का सामना करना पड़ा था.

हालांकि, ऐसी खबरें थी कि उत्तर प्रदेश में शीट शेयरिंग को लेकर कुछ मतभेद हैं. एसपी सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उनका बीएसपी से गठबंधन जारी रहेगा. यादव ने यहां तक कहा था कि 2019 में बीजेपी को हराने के लिए वह त्याग करने को तैयार हैं. यानी अखिलेश सीटों को लेकर काफी समझौता करने को तैयार हैं.

उधर, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने भी हाल ही में स्वीकार किया था कि अगर बीएसपी और एसपी साथ आते तो उनकी पार्टी के लिए मुश्किल होगी. हालांकि, उन्होंने जोर दिया था कि बीजेपी, कांग्रेस से अमेठी या रायबरेली की सीट छीन लेगी.

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