उत्तराखंड HC ने कैट अध्यक्ष से नाराजगी जताई, सरकार पर लगाया जुर्माना

कैट की नैनीताल पीठ से दिल्ली स्थानांतरित करने की केन्द्र सरकार की याचिका पर 'अजीब फैसला देने' के लिए कैट अध्यक्ष से नाराजगी प्रकट की है.

उत्तराखंड HC ने कैट अध्यक्ष से नाराजगी जताई, सरकार पर लगाया जुर्माना
फाइल फोटो

नैनीताल: उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने व्हिसलब्लोअर आईएफएस अधिकारी संजय चतुर्वेदी से जुड़े एक मामले को केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) की नैनीताल पीठ से दिल्ली स्थानांतरित करने की केन्द्र सरकार की याचिका पर 'अजीब फैसला देने' के लिए कैट अध्यक्ष से नाराजगी प्रकट की है. अदालत ने इस मामले में कैट के 27 जुलाई के आदेश को खारिज करते हुए केन्द्र सरकार पर 25,000 रूपए का जुर्माना लगाया. अदालत ने केन्द्र सरकार के रवैये को 'प्रतिशोधी' करार दिया.

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा एवं न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने 21 अगस्त के अपने आदेश में कहा कि प्रथम दृष्टया प्रतिवादी का याचिककर्ता के प्रति रवैया प्रतिशोधात्मक है. कैट की पीठ चतुर्वेदी की ओर से दाखिल मामले की सुनवाई जुलाई 2017 से कर रही है. यह मामला 2015-2016 में नयी दिल्ली के एम्स की ओर से तैयार की गई उनकी मूल्यांकन (अप्रेजल) रिपोर्ट पर प्रतिकूल प्रविष्टि से जुड़ा हुआ है. चतुर्वेदी यहां 2012 से 2016 तक मुख्य सतर्कता अधिकारी के तौर पर कार्यरत थे.

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि यह बेहद अजीब आदेश है. अध्यक्ष अकेले बैठकर कैसे केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण की खंडपीठ, नैनीताल में सर्किट पीठ, के समक्ष लंबित मामले पर कार्यवाही पर रोक लगा सकते हैं. इसमें कहा गया है कि अधिकरण का अध्यक्ष समकक्षों के बीच प्रमुख होता है. 

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