Interview

WATCH VIDEO: ताजमहल घूमने गईं विदेशी मॉडलों से 'जय श्री राम' लिखा भगवा दुपट्टा उतारने को कहा, भड़के हिन्दू संगठन

Last Updated: Friday, April 21, 2017 - 18:00
WATCH VIDEO: ताजमहल घूमने गईं विदेशी मॉडलों से 'जय श्री राम' लिखा भगवा दुपट्टा उतारने को कहा, भड़के हिन्दू संगठन
सभी विदेशी मॉडलों ने धूप से बचने के लिए स्कार्फ पहन रखा था. (फाइल फोटो)

आगरा (उत्तर प्रदेश): दुनिया के सातवें अजूबे में शामिल और मोहब्बत की निशानी आगरा का ताजमहल ताजा विवाद में घिरता नजर आ रहा है. और यह झगड़ा खड़ा हुआ है भारतीय पुरातात्त्विक सर्वेक्षण (एएसआई) और दक्षिणपंथी पोशाक के बीच से. 

अंग्रेजी दैनिक अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, गुरुवार (20 अप्रैल) को यह विवाद उस वक्त शुरू हुआ जब केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआरपीएफ) के अधिकारियों ने सुपर मॉडल प्रतियोगिता में भाग ले रहीं कुछ देशों की प्रतिभागियों को जिन्होंने हिन्दू धर्म के चिन्ह और जय श्री राम लिखा कपड़ा (दुपट्टा) पहन रखा था, को ताजमहल में प्रवेश के दौरान उतरवा दिया.

WATCH VIDEO

हिन्दू जागरण मंच और भारतीय जनता युवा मोर्चा सहित कई दक्षिणपंथी संगठनों ने कहा कि इस घटना से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. 

हिन्दू जागरण मंच के सदस्यों ने गुरुवार (20 अप्रैल) को आगरा के माल रोड स्थित भारतीय पुरातात्त्विक सर्वेक्षण (एएसआई) के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था. 

बाद में एएसआई और सीआईएसएफ ने कहा कि उन्होंने वही किया जो नियमों में लिखा है और विवाद को यहीं खत्म कर दिया गया.

अलग-अलग देशों की करीब 34 मॉडल्स जो कि दिल्ली में 12 से 22 अप्रैल तक आयोजित सुपरमॉडल इंटरनेशनल कॉन्टेस्ट में भाग लेने के लिए आई थीं, ने ताजमहल घूमने के दौरान गर्मी से बचने के लिए भगवे रंग के स्कार्फ से अपने सिर को ढक रखा था.

जब वे लोग स्मारक (ताजमहल) को देखने के लिए परिसर में दाखिल हो रही थीं, वहां तैनात सीआरपीएफ के जवान ने उनसे (मॉडल्स से) वह स्कार्फ (दुपट्टा) हटाने को कहा.

एएसआई के वरिष्ठ अधिकारी भुवन विक्रम ने कहा, 'पत्र लिखकर सीआईएसएफ से पूरे घटनाक्रम पर जानकारी मांगी गई है.'

हालांकि विक्रम ने नियमों का हवाला दिया और कहा कि प्राचीन स्मारक और पुरातात्त्विक स्थल व अवशेष अधिनियम 1959 की धारा (8 डी) के अनुसार आम तौर पर पर्यटकों को इस तरह के सामान को साथ लाने से मना किया गया है.

सीआईएसएफ कमांडेंट बृज भूषण ने कहा, 'एएसआई ने एक आदेश के जरिए साफ तौर पर कहा है कि संरक्षित स्मारक के भीतर किसी भी तरह के धार्मिक चिन्ह पर प्रतिबंध है. हमारी मंशा किसी के धार्मिक भावनाओं को आहत करने की नहीं है.' 

विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सीआईएसएफ कमांडेंट ने यह भी कहा कि मॉडल्स अपने देश के झंडे और ब्रांड प्रमोशन के लिए कुछ आइटम्स के साथ आई थीं, उन्हें भी स्मारक के भीतर लेकर नहीं जाने दिया गया

ज़ी न्यूज़ डेस्क

First Published: Friday, April 21, 2017 - 14:46
comments powered by Disqus