योगी सरकार ने आधी रात की बैठक में लिया फ़ैसला, 'यश भारती' सम्मान की होगी जांच

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले यश भारती पुरस्कारों की गहन समीक्षा करने के आदेश दिए हैं.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Apr 21, 2017, 01:38 PM IST
योगी सरकार ने आधी रात की बैठक में लिया फ़ैसला, 'यश भारती' सम्मान की होगी जांच
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पुरस्कार देते वक्त उसकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाए. (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप्र सरकार की ओर से दिए जाने वाले यश भारती पुरस्कारों की गहन समीक्षा करने के आदेश दिए हैं.

योगी ने कहा है कि सपा सरकार में दिए गए यश भारती पुरस्कार की गहन समीक्षा की जाएगी कि ये पुरस्कार किन आधारों एवं मापदंडों पर दिए गए. इस संबंध में बाद में जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

उन्होंने लखनऊ स्थित शास्त्री भवन में गुरुवार देर रात 12 बजे अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान यह निर्देश दिया.

उन्होंने कहा कि पुरस्कार देते वक्त उसकी गरिमा का भी ध्यान रखा जाए.

इसके साथ ही उन्होंने कुशीनगर में चलाई जा रही मैत्रेय परियोजना पर पुनर्विचार कर इसे रोकने के निर्देश दिए.

उन्होंने कहा कि संभव हो तो अनुपजाऊ भूमि का इस्तेमाल परियोजनाएं स्थापित करने के लिए की जानी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना में शामिल ट्रस्ट ने 14 वर्ष पूरे होने पर भी इसे आगे बढ़ाने की दिशा में कोई कार्य नहीं किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भातखंडे संगीत संस्थान की शाखाएं जिलों में भी स्थापित करने की संभावनाएं तलाशी जानी चाहिए. इससे कॉलेजों को संबद्घ करने पर भी विचार किया जाए.

मुख्यमंत्री ने गरीब व वृद्ध कलाकारों को दी जाने वाली मासिक पेंशन की राशि बढ़ाने के निर्देश दिए.

उन्होंने वाराणसी के अस्सी घाट पर ‘सुबह-ए-बनारस’ कार्यक्रम को ‘सुप्रभातम’ नाम से करने का भी आश्वासन दिया.