मंत्रियों के बाद अब अधिकारियों की बारी, योगी ने कहा-15 दिन में घोषित करें चल अचल संपत्ति

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने राज्य के अधिकारियों को भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए ईमानदार एवं संवेदनशील अधिकारियों की तैनाती पर जोर दिया और सभी अधिकारियों से 15 दिन के भीतर संपत्तियों का ब्यौरा सौंपने को कहा.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | अंतिम अपडेट: सोमवार मार्च 20, 2017 - 10:17 PM IST
मंत्रियों के बाद अब अधिकारियों की बारी, योगी ने कहा-15 दिन में घोषित करें चल अचल संपत्ति
सीएम योगी ने अधिकारियों से 'रोडमैप' बनाने को कहा (फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने राज्य के अधिकारियों को भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टालरेंस की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए ईमानदार एवं संवेदनशील अधिकारियों की तैनाती पर जोर दिया और सभी अधिकारियों से 15 दिन के भीतर संपत्तियों का ब्यौरा सौंपने को कहा.

भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश के आला अधिकारियों के साथ पहली बैठक में योगी ने सभी अधिकारियों को स्वच्छता-शपथ दिलाई. योगी ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस (जरा भी बर्दाश्त नहीं करने) की नीति अपनाने का निर्देश देते हुए कहा कि संवेदनशील एवं ईमानदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तैनाती की जाए. उन्होंने नई कार्य संस्कृति विकसित करने के लिए अधिकारियों से 15 दिनों में अपनी संपत्तियों का विवरण निर्धारित प्रारूप पर उपलब्ध कराने को कहा. मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करने के बाद रविवार को कैबिनेट सहयोगियों के साथ पहली बैठक में भी योगी ने सभी मंत्रियों से आय और चल अचल संपत्ति का ब्यौरा 15 दिन में उपलब्ध कराने को कहा था. लोकभवन में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और डॉ. दिनेश शर्मा भी शामिल हुए. बैठक के बाद मौर्य ने कहा, भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र के हिसाब से हमारी सरकार क्या चाहती है, अधिकारियों को इसकी जानकारी और निर्देश दिए गए. उसी के अनुसार उत्तर प्रदेश में काम होगा.  और पढ़ें : सीएम योगी ने मंत्रियों से कहा, '15 दिन के भीतर दें अपनी आय और संपत्ति का ब्यौरा'

पूरी गम्भीरता से लागू होगा संकल्प पत्र
योगी ने अधिकारियों से कहा, भाजपा के लोक कल्याण संकल्प पत्र-2017 में किए गए वादों पर विश्वास करके राज्य की जनता ने इतने बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाने का काम किया है इसलिए संकल्प पत्र के सभी बिन्दुओं को पूरी गम्भीरता एवं संवेदनशीलता के साथ लागू किया जाए. उन्होंने अपराधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई एवं जनसामान्य को सम्मानपूर्ण जीवन जीने के लिए उपयुक्त माहौल बनाने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिवों की बैठक में उनका आहवान किया कि प्रदेश में संवेदनशील, जवाबदेह, ऊर्जावान एवं प्रगतिशील व्यवस्था देने के लिए संकल्पित हों. पक्षपात रहित काम करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग का सिटीजन चार्टर तैयार किया जाना चाहिए ताकि आम आदमी को राज्य सरकार की सेवाएं निर्धारित समय एवं व्यवस्था के अनुरूप मिलें. और पढ़ें : CM बनते ही योगी आदित्यनाथ ने वादों पर काम करना शुरू किया, इलाहाबाद में दो बूचड़खाने सील

राजनैतिक दबावों से मुक्त होंगे थाने एवं तहसील
प्रदेश में कानून-व्यवस्था का जिक्र करते हुए योगी ने अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश देते हुए कहा कि थानों एवं तहसीलों जैसी प्रशासनिक इकाइयों को राजनैतिक दबावों से मुक्त रखा जाए. प्रदेश की लगभग 90 फीसदी जनता की आवश्यकताओं की पूर्ति थानों एवं तहसीलों के माध्यम से ही होती है इसलिए इन पर विशेष निगाह रखी जाए. कृषि क्षेत्र की समस्याओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का भुगतान समय से किया जाए. अनाजों के सुरक्षित भण्डारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही कृषि आधारित उद्योग-धन्धों को बढ़ावा देने के लिए गम्भीरता से काम किया जाए.

होगी सिंगल विंडो सिस्टम की व्यवस्था
प्रदेश में बेहतर औद्योगिक वातावरण बनाने तथा नौजवानों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जरूरी निर्णय लेने का निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगल विण्डो सिस्टम की व्यवस्था की जाए. इसके साथ ही केन्द्र सरकार द्वारा संचालित स्टार्टअप एवं कौशल विकास योजनाओं को भी प्रभावी रूप से लागू किया जाए, जिससे प्रदेश में निवेश का वातावरण बन सके। प्रधानमंत्री के स्वच्छता मिशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उ}ार प्रदेश इस मामले में अन्य प्रदेशों की अपेक्षा काफी पीछे छूट गया है। राज्य के ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में स्वच्छता का अभाव है। ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में सफाई कर्मियों की उपलब्धता के बावजूद स्वच्छता में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे कई प्रकार की बीमारियां फैल रही हैं।

युद्धस्तर पर होगा स्वच्छता मिशन का कार्य
इस दिशा में तत्काल कार्य करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि दिसंबर-2017 तक प्रदेश के 30 जनपदों में स्वच्छता मिशन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जाए. अधिकारियों का परिचय प्राप्त करते हुए योगी ने उन्हें निर्देश दिया कि प्रदेश का बजट तैयार करते समय लोक कल्याण संकल्प पत्र में दिए गए बिन्दुओं का ध्यान रखा जाए, जिससे जनता को समय से वादों के अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें. उन्होंने अधिकारियों से भ्रष्टाचार एवं गुण्डाराज से मुक्त पारदर्शी प्रशासन देने का निर्देश देते हुए कहा कि टीम भावना से कार्य करते हुए प्रदेश को पांच वर्ष में अग्रणी राज्यों में शामिल करने का प्रयास किया जाए.