दिव्यांग लोगों को सीएम योगी का तोहफा, BRD अस्पताल में CRC सेंटर का होगा निर्माण

सीएम योगी ने सबसे पहले सीआरसी की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया. इसके बाद स्वर्गीय कुंवर बहादुर कौशिक द्वारा लिखित पुस्तक 'हेमू विक्रमादित्य' का विमोचन भी किया.

दिव्यांग लोगों को सीएम योगी का तोहफा, BRD अस्पताल में CRC सेंटर का होगा निर्माण
(फोटो साभार ट्विटर @myogiadityanath)

गोरखपुर: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीतापुर आंख के अस्पताल में अस्थाई रूप से चलने वाले सीआरसी (कंपोजिट रिजनल सेंटर) के उद्घाटन के तुरंत बाद BRD मेडिकल कॉलेज में इसी सीआरसी की स्थापना के लिए शासन की ओर से मुहैया कराई गई जमीन का भूमि पूजन करने पहुंचे. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत, केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और जिले के आला अधिकारी मौजूद रहे. सीएम योगी ने सबसे पहले सीआरसी की स्थापना के लिए भूमि पूजन किया. इसके बाद स्वर्गीय कुंवर बहादुर कौशिक द्वारा लिखित पुस्तक 'हेमू विक्रमादित्य' का विमोचन भी किया.

इस कार्यक्रम की शुरुआत के पहले मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित किया. अपने संबोधन में सीएम योगी ने कहा कि जन्माष्टमी पर दिव्यांग जनों के लिए सीआरसी सबसे बड़ी सौगात के रूप में प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया है. उत्तर प्रदेश में लखनऊ में पूर्व में ही एक सीआरसी स्थापित है और दूसरी सीआरसी की स्थापना गोरखपुर में की गई है, जिससे कि लगभग 5 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिलेगा.

 

 

BRD मेडिकल कॉलेज कैंपस में 3484 वर्ग मीटर जमीन पर रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (RMRC) स्थापित होगा. पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस के प्रकोप को देखते हुए केंद्र सरकार ने पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) का सेटेलाइट सेंटर बीआरडी में शुरू किया. केंद्र में बीजेपी की सरकार के गठन के बाद से ही एनआईवी सेंटर के विस्तार की कवायद तेज हो गई. नया सेंटर इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के अधीन होगा. 

 

 

मीडिया से बात करते हुए सीएम योगी ने कहा कि दिव्यांगता के क्षेत्र में सीआरसी किसी वरदान से कम नहीं साबित होगा. खास तौर पर पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस से हुए दिव्यांग बच्चों के लिए यह एक सियासी सौगात के तौर पर माना जा रहा है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो लगभग 2 वर्षों में इसके बिल्डिंग का निर्माण हो जाएगा और यहां पर दिव्यांगों के लिए हर प्रकार की चिकित्सा सुविधा, पुनर्वास सुविधा और दिव्यांगता के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों के लिए एक तरीके का शोध संस्थान साबित होगा. 

(रिपोर्टर इनपुट)