गोरखपुर हादसा: सीएम योगी बोले, मुझसे ज्यादा इस पीड़ा को कोई और नहीं समझ सकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि - दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो कि मिसाल बनेगी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | Updated: Aug 13, 2017, 09:26 PM IST
गोरखपुर हादसा: सीएम योगी बोले, मुझसे ज्यादा इस पीड़ा को कोई और नहीं समझ सकता
योगी और जेपी नड्डा ने बीआरडी अस्पताल का दौरा कर मीडिया से बात भी की.(फोटो : एएनआई)

गोरखपुर : गोरखपुर के बीआरडी अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है. रविवार (13 अगस्त) को दिमागी बुखार से एक और 4 साल के बच्चे की मौत हो गई. पिछले 3 दिन में ही मौत का आंकड़ा 68 पहुंच गया. इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के साथ गोरखपुर पहुंच गए हैं. मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम बच्चों की मौत के मामले में पूरी जांच कराएंगे. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी, जो कि मिसाल बनेगी. गोरखपुर से जुड़े लोग जानते हैं कि हम इन्सेफेलाइटिस के खिलाफ हमारी लड़ाई शुरू से लड़ते रहे हैं. इन बच्चों के लिए मुझसे ज्यादा संवेदनशील कोई नहीं हो सकता. मैंने इंसेफेलाइटिस के खिलाफ सड़क से संसद तक लड़ाई लड़ी है. सीएम योगी इस दौरान भावुक भी हुए. उन्होंने कहा कि हमने प्रदेश के 90 लाख बच्चों को वैक्सीन देकर इनसेफ्लाइटिस के खिलाफ लड़ाई शुरू की थी. योगी की विजिट के चलते पूरे अस्पताल को साफ-सुथरा किया गया. ऑक्सीजन की सप्लाई को दुरूस्त करने के लिये ऑक्सीजन के दो टैंकर और ऑक्सीजन के सौ से ज्यादा सिलेंडर मंगा लिये गये हैं.

सीएम योगी की मुख्य बातें...
-मुझसे ज्यादा कोई इन्सेफेलाइटिस की समस्या को नहीं समझ सकता है. 
-मैं मुख्यमंत्री बनने के बाद अब तक 4 बार BRD अस्पताल आ चुका हूं. 
-9 जुलाई को हमने वेतन ना मिलने की समस्या को सुलझाया था. 
-9 अगस्त को भी मैं यहां आया था, जिसमें 5 प्रमुख सचिवों को यहां बुलाया गया था. 
-मैं चाहता हूं कि आप इलाके के सरकारी अस्पतालों में जाएं और देखें कि इन्सफेलाइटिस से लड़ने के लिए क्या कर रही है. इस बार क्या इंतजाम किए गए हैं. 
-पत्रकार कैमरे लेकर वार्ड में जाएं और देखें कि बीआरडी में उपचार हुआ या नरसंहार.  
-चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई  
-ये समिति मौत के कारणों का पता लगाएगी. 
-जो भी अफसर दोषी होंगे उन्हें हम छोड़ेंगे नहीं. 
-सिर्फ गोरखपुर ही नहीं बल्कि पूरे राज्य में मौतों की जवाबदेही तय होगी.
-हम चाहते हैं कोई हड़बड़ी न हो, पत्रकार वास्तविक रिपोर्टिंग करें.  
-बाहर बैठकर फेक रिपोर्टिंग नहीं, बल्कि जनता के सामने सच्चाई सामने आनी चाहिए. 
-हम चाहते हैं कि गोरखपुर मे फुल फ्लैज्ड वायरस रिसर्च सेंटर होना चाहिए. इसके लिए हमने केंद्रीय मंत्री से अनुरोध किया है. उनकी तरफ से एक पहल भी हुई है.

ये भी पढ़ें : गोरखपुर हादसा योगी के लिए परीक्षा की घड़ी'

इस दौरान मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार (12 अगस्त) से अब तक 8 और बच्चों की मौत हो चुकी है. रविवार को दिमागी बुखार से एक और 4 साल के बच्चे की मौत हो गई. पिछले 6 दिन में मौत का आंकड़ा 68 तक पहुंच गया. इससे पहले मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन आपूर्तिकर्ता को भुगतान में विलंब के लिए कॉलेज के प्रिसिंपल को दोषी ठहराते हुए कहा कि 9 अगस्त को गोरखपुर प्रवास के दौरान उन्होंने इंसेफेलाइटिस , डेंगू, चिकुनगुनिया, स्वाइन फ्लू और कालाजार जैसे मुददों पर अधिकारियों से बातचीत की थी. उनसे पूछा था कि उनकी आवश्यकता क्या है और क्या उन्हें किसी तरह की कोई समस्या है लेकिन आक्सीजन आपूर्ति से जुड़ा मुद्दा उनके संज्ञान में नहीं लाया गया. उन्होंने कहा, बैठक में मेडिकल कॉलेज के प्रिसिंपल भी मौजूद थे. मैंने पूछा कि कोई मुद्दा हो या समस्या हो तो बताएं, लेकिन वहां ऑक्सीजन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया. हम लोगों की जानकारी में नहीं लाया गया.