बीजेपी को कांग्रेस की चुनौती, 'अगर येदियुरप्पा के पास संख्या है तो कल ही साबित करें बहुमत'

कांग्रेस ने कहा कि अगर सबसे बड़ी पार्टी का तर्क बीजेपी के लोग दे रहे हैं तो सबसे पहले बिहार, गोवा और मणिपुर की सरकारों को इस्तीफा दे देना चाहिए.

बीजेपी को कांग्रेस की चुनौती, 'अगर येदियुरप्पा के पास संख्या है तो कल ही साबित करें बहुमत'
सुरजेवाला ने कहा कि इस देश में एक संविधान और एक कानून ही होगा.
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नई दिल्ली: कर्नाटक में सरकार गठन से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई से एक दिन पहले कांग्रेस ने गुरुवार को बीजेपी को चुनौती दी कि अगर उसके पास जादुई आंकड़ा है तो वह कल ही विधानसभा में बहुमत साबित करके दिखाए. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "अमित शाह और बीजेपी लोकतंत्र के बारे में प्रवचन दे रहे हैं, जबकि उन्होंने खुद ही कर्नाटक में लोकतंत्र का गला घोंट दिया. हम पीएम नरेंद्र मोदी, बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और येदियुरप्पा को चुनौती देते हैं कि आप कल ही विधानसभा में बहुमत साबित करिए." 

सुरजेवाला ने कहा कि इस देश में एक संविधान और एक कानून ही होगा. अगर सबसे बड़ी पार्टी का तर्क बीजेपी के लोग दे रहे हैं तो सबसे पहले बिहार, गोवा और मणिपुर की सरकारों को इस्तीफा दे देना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस विधायकों को तोड़ने के लिए बीजेपी सभी हथकंडे अपना रही है, लेकिन उसे सफलता नहीं मिल रही है. ऐसे में वह हताश और निराश है.

 

 

येदियुरप्पा को आज राज्यपाल ने मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. कल रात सुप्रीम कोर्ट ने येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. राज्यपाल वजुभाई वाला ने कल येदियुरप्पा को सरकार बनाने का न्यौता दिया था. इसके बाद रात में ही कांग्रेस ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था.

गौरतलब है कि राज्य में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है. ऐसे में प्रदेश की 224 सदस्यीय विधानसभा में 222 सीटों पर हुए चुनाव में बीजेपीको 104, कांग्रेस को 78 और जेडीएस+ को 38 सीटें मिली हैं. फिलहाल, बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 112 है.

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने संविधान को 'तोड़ने - मरोड़ने' के लिए कर्नाटक के राज्यपाल वजुभाई वाला की आलोचना की. वाला को ‘आरएसएस का राज्यपाल’ करार देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वाला ने बीजेपी में अपने ‘राजनीतिक आकाओं’ की ‘इच्छा का पालन करने में भारतीय लोकतांत्रिक राजनीति का नरसंहार कर दिया है.’ उन्होंने मीडिया से कहा, "राज्यपाल ने जिस तरीके से भाजपा को समय दिया वह निराशाजनक है ताकि विपक्ष को तोड़ा जा सके और खरीद - फरोख्त हो सके. आरएसएस के राज्यपाल से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं." 

उन्होंने पूरे प्रकरण को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ करार दिया और कहा कि पिछले 24 घंटे के प्रकरण देश के लिए काफी खतरनाक हैं. उन्होंने कहा, "हम नहीं चाहते कि भारत पाकिस्तान की तरह बने जहां तानाशाह और सेना हर कदम पर लोकतंत्र का गला घोंटते हैं."