जयनगर सीट: जेडीएस का साथ मिलने के बावजूद बीजेपी को बहुत कम अंतर से हरा पाई कांग्रेस

कांग्रेस की सौम्या रेड्डी को 54,457 जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और बीजेपी उम्मीदवार बीएन प्रहलाद को 51,568 वोट मिले. 

जयनगर सीट: जेडीएस का साथ मिलने के बावजूद बीजेपी को बहुत कम अंतर से हरा पाई कांग्रेस
सौम्या रेड्डी वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रामलिंगा रेड्डी की बेटी हैं..
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बेंगलुरु: बेंगलूर की जयनगर विधानसभा सीट पर बुधवार को आए चुनाव परिणामों में कांग्रेस ने बाजी मारी. इस सीट पर 2008 से लेकर अब तक बीजेपी का कब्जा था. बीते 23 मई को कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार बनने के बाद हुए चुनावी इम्तिहानों में यह कांग्रेस की लगातार दूसरी जीत है. इस जीत से राज्य की गठबंधन सरकार की स्थिति और मजबूत होने के आसार हैं. राजराजेश्वरी नगर सीट पर हुए चुनाव में कांग्रेस और जेडीएस ने एकदूसरे के खिलाफ अपने उम्मीदवार उतार थे, लेकिन जयनगर में जेडीएस ने अपना उम्मीदवार वापस ले लिया और अपने गठबंधन सहयोगी कांग्रेस का समर्थन करने का निर्णय किया जिससे कांग्रेस को जीत हासिल करने में मदद मिली. 

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक कांग्रेस की सौम्या रेड्डी को 54,457 जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी और बीजेपी उम्मीदवार बीएन प्रहलाद को 51,568 वोट मिले. इस तरह से कांग्रेस प्रत्याशी ने बीजेपी को 2,800 से ज्यादा वोटों से हराकर जीत दर्ज की. लेकिन दोनों पार्टियों कांग्रेस-जेडीएस के साथ लड़ने के बावजूद बीजेपी ने जबर्दस्त टक्कर थी. करीब 55 फीसदी मतदान हुआ था. ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों दलों के साथ होने के बावजूद गठबंधन को कम वोट मिले. 

जयनगर में जीत के साथ ही बेंगलूर की 28 विधानसभा सीटों में से 15 पर अब कांग्रेस का कब्जा हो गया है. राज्य में 12 मई को विधानसभा चुनाव हुए थे लेकिन बीजेपी प्रत्याशी बीएन विजयकुमार की मौत के बाद जयनगर सीट पर चुनाव नहीं हुआ था. विजयकुमार इस सीट से विधायक थे. इस सीट पर मतदान 11 जून को कराया गया था. जयकुमार के भाई प्रहलाद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री रामलिंगा रेड्डी की बेटी सौम्या रेड्डी के बीच सीधा मुकाबला था. अपनी बेटी की जीत पर रेड्डी ने कहा, "जीत का अंतर मेरी अपेक्षा से कम है." 

सौम्या राज्य की नवगठित विधानसभा में आठवीं महिला विधायक हैं. इस जीत के साथ ही कांग्रेस - जेडीएस गठबंधन को 224 सदस्यीय विधानसभा में अब 118 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. अभी विधानसभा में प्रभावी संख्याबल 222 है. अभी विधानसभा की दो सीटें खाली हैं क्योंकि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने दो सीटों पर जीत दर्ज करने के बाद एक सीट से इस्तीफा दे दिया था और एक अन्य सीट - जमखांडी - के कांग्रेस विधायक की हाल में सड़क हादसे में मौत हो गई. अभी कांग्रेस के 79, जेडीएस के 36 और बसपा के एक विधायक हैं. इस गठबंधन को केपीजेपी के एकमात्र विधायक और एक निर्दलीय विधायक का भी समर्थन प्राप्त है. 

बीजेपी के पास 104 सीटें हैं और हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में वह सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर सामने आई थी. हालांकि बहुमत परीक्षण से पहले ही बीजेपी नेता बी एस येदियुरप्पा ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया , क्योंकि उनके पास सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्या बल नहीं था. सौम्या की जीत पर कुमारस्वामी ने एक ट्वीट कर उन्हें बधाई दी. 

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष येदियुरप्पा ने कहा कि पार्टी उम्मीदवार को महज 2,889 वोटों से हार मिली है. उन्होंने कहा, "हम जनादेश का सम्मान करते हैं. पार्टी को पिछले चुनाव की तुलना में ज्यादा वोट मिले हैं. मैं उन वोटरों का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने हमारा समर्थन किया."

(इनपुट भाषा से भी)

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