विधायकों को बेंगलुरु से बाहर भेजेगी कांग्रेस, जेडीएस विधायक भी शिफ्ट होंगे

पार्टी को डर सता रहा है कि येदियुरप्पा कुछ विधायकों को तोड़ सकते हैं. 

विधायकों को बेंगलुरु से बाहर भेजेगी कांग्रेस, जेडीएस विधायक भी शिफ्ट होंगे
यह भी स्पष्ट हो गया है कि जेडीएस विधायकों को किसी अन्य जगह पर शिफ्ट किया जाएगा.

बेंगलुरु: कर्नाटक में कांग्रेस के विधायकों को बेंगलुरु से बाहर भेजने पर विचार के लिए अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद, सिद्धरमैया, डीके शिवकुमार और पार्टी के नेताओं में बातचीत हुई. कांग्रेस अपने विधायकों को केरल, या पंजाब भेज सकती है. पार्टी को डर सता रहा है कि येदियुरप्पा कुछ विधायकों को तोड़ सकते हैं.  वहीं, यह भी स्पष्ट हो गया है कि जेडीएस विधायकों को किसी अन्य जगह पर शिफ्ट किया जाएगा. 

मीटिंग के बाद कांग्रेस नेता रामलिंगा रेड्डी ने कहा कि हम आज ही शिफ्ट होंगे. हम इस बारे में और ज्यादा जानकारी बाद में देंगे. जेडीएस विधायक कर्नाटक से बाहर नहीं जाएंगे. जगह का निर्धारण अभी तक नहीं किया गया है. रामलिंगा ने कहा कि ईगलटोन रिजॉर्ट के बाहर से पुलिस को हटाए जाने के बाद बीजेपी के नेता अंदर आ गए और पैसे की पेशकश की. वे लगातार हमारे विधायकों को फोन कर रहे हैं. 

 

 

गुलाम नबी आजाद ने कहा, "सभी विधायक बेंगलुरु में हैं. बीजेपी हम पर धोखाधड़ी का आरोप लगा रही है जबकि वे उन लोगों में से हैं जिन्होंने ऐसा किया है. हमारा सुप्रीम कोर्ट पर पूरा विश्वास है. वह गवर्नर जैसी गलती नहीं करेगा." आजाद ने कहा कि बीजेपी एक गेम के लिए दो नियमों का इस्तेमाल नहीं कर सकती. बीजेपी, केंद्र सरकार और उनके राज्यपाल का असली चरित्र पूरे देश के सामने आ गया है. यह केंद्र सरकार का दायित्व है कि वह संविधान और लोकतंत्र की रक्षा करें क्योंकि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमें इन्हें (विधायकों) को बचाना पड़ रहा है.

 

 

उधर,  जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने कहा, "हमने अभी तक तय नहीं किया कि कहा जाएंगे. आज देर रात तय किया जाएगा. कई सुझाव आए हैं. उनमें से एक राष्ट्रपति भवन के बाहर धरना देना भी है."  

 

ईगलटोन रिजॉर्ट के बाहर से सुरक्षा व्यवस्था हटाई गई
कर्नाटक में ईगलटोन रिजॉर्ट के बाहर से सुरक्षा व्यवस्था हटा ली गई है. कांग्रेस विधायकों को इसी ईगलटन रिजॉर्ट में ठहराया गया है. यह वही रिजॉर्ट है जहां 2017 में गुजरात के राज्‍यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के विधायकों को रखा गया था. उस समय भी एमएलए की खरीद-फरोख्‍त के आरोप लगे थे. कांग्रेस के संकटमोचक बने डीके शिवकुमार इस बार फिर उसी भूमिका में हैं. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस आलाकमान ने उन्‍हें एमएलए की हॉर्स ट्रेडिंग रोकने की जिम्‍मेदारी सौंपी है.  सुरक्षा व्यवस्था हटाए पर कांग्रेस ने नाराजगी जताई है. कोलार से सात बार के सांसद व पूर्व मंत्री केएच मुनियप्‍पा ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह ठीक नहीं है.

केएच मुनियप्‍पा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "यह सिस्टम नहीं है. चाहे जिसकी भी सरकार हो, उनका कर्तव्य चुने हुए प्रतिनिधियों को सुरक्षा प्रदान करना है." 

जेडीएस नेता एचडी कुमारस्वामी ने सुरक्षा हटाए जाने के मुद्दे पर कहा, "यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम अपने विधायकों को सुरक्षा मुहैया कराएं. मुझे येदियुरप्पा जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं, उस पर हैरानी हो रही है. शपथ ग्रहण के बाद उन्होंने 4 आईपीएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं. बीजेपी की यह कोशिश हास्यास्पद है. हमारे सभी 38 विधायक हमारे साथ हैं."  

कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार का कहना है, "कर्नाटक में लोकतंत्र की हत्या की जा रही है. कल तक इंतजार करिए, हमें लगता है कि फैसला हमारे पक्ष में आएगा. पूरे देश में पहले से ही उथल-पुथल जारी है. बिहार, गोवा, मणिपुर और अन्य राज्यों में, जहां बड़ी पार्टियां हैं, वे अब इसी फॉर्मूले से सरकार गठन के लिए तैयार हैं."  

उधर, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर बीजेपी ने पलटवार किया है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि बीजेपी ने जो भी किया है, वह कानून के मुताबिक है. कांग्रेस के पास गलत जानकारी है और जिसके परिणामस्वरूप वह हास्यास्पद दावे कर रही है. उसे अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है इसीलिए उन्हें रिजॉर्ट में बंधक बनाकर रखा हुआ है."   

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