दस बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने 2012 में एक लाख कर्मचारियों की छंटनी की

Last Updated: Sunday, December 9, 2012 - 19:15

न्यूयार्क : आर्थिक संकट के दौर में लागत घटाने के उपायों के तहत वैश्विक स्तर पर 10 कंपनियों ने 2012 में एक लाख कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाया है। इनमें एचपी, गूगल और सिटीग्रुप जैसी बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। हालांकि, इनमें सभी कंपनियां अलग-अलग क्षेत्रों की हैं, लेकिन सभी ने छंटनियां अपनी परिचालन लागत में कटौती के लिए की हैं।
जिन अन्य प्रमुख वैश्विक कंपनियों ने 2012 में छंटनियां की हैं उनमें एएमआर कारपोरेशन, पेप्सिको, मेटलाइफ, होस्टेस ब्रैंड्स, जेसी पेनी कंपनी, प्राक्टर एंड गैंबल तथा मार्गन स्टैनले शामिल हैं। इन सभी कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर कुल मिलाकर कम से कम 95,000 छंटनियां करने की घोषणा की है।
कर्मचारियों की छंटनी करने वाली कंपनियों की सूची में प्रौद्योगिकी क्षेत्र की ह्यूलेट पैकार्ड (एचपी) सबसे उपर है। एचपी ने इस साल मई में 27,000 छंटनियां करने की घोषणा की थी। इससे उसे 3.5 अरब डालर की बचत होगी। वंडर ब्रेड और ट्विंकी की विनिर्माता दिवालिया कंपनी होस्टेस ब्रैंड्स ने पिछले महीने 18,500 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है। यह कंपनी अपने ब्रांड को बेचने की तैयारी कर रही है।
इसी तरह अमेरिकन एयरलाइंस की मूल कंपनी एएमआर कारपोरेशन ने इस साल फरवरी में 14,000 नौकरियांे की कटौती की घोषणा की थी। वहीं पेप्सिको तथा प्राक्टर एंड गैंबल कर्मचारियों की संख्या घटाने का ऐलान कर चुकी हैं। पेप्सिको ने अपने वैश्विक कार्यबल से 8,700 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी की है। इससे 2014 तक उसे 1.5 अरब डालर की बचत होगी। प्राक्टर एंड गैंबल ने वित्त वर्ष 2013 में 4,100 नौकरियों की कटौती की घोषणा की है। इससे अगले चार साल में कंपनी को 10 अरब डालर की बचत होगी।
सिटीग्रुप ने पिछले महीने 11,000 कर्मचारियों की छंटनी करने की घोषणा की है। इससे कंपनी को एक अरब डालर की बचत होगी। कपड़ा क्षेत्र की कंपनी जे सी पेनी ने 4,700 और मेटलाइफ ने 4,300 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की योजना बनाई है। इंटरनेट कंपनी गूगल ने अगस्त में मोटोरोला मोबिलिटी के 20,000 में से 4,000 कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने की घोषणा की है। गूगल ने इसी साल मोटोरोला मोबिलिटी का अधिग्रहण किया है। (एजेंसी)



First Published: Sunday, December 9, 2012 - 19:15


comments powered by Disqus