शिक्षा का बजट 21 फीसदी बढ़ा

केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को 14 साल से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने के लिए आवंटित बजट में 21 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि का प्रस्ताव किया।

Updated: Mar 16, 2012, 11:57 AM IST

नई दिल्ली : केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने शुक्रवार को 14 साल से कम उम्र के बच्चों को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा मुहैया कराने के लिए आवंटित बजट में 21 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि का प्रस्ताव किया। साथ ही उन्होंने ब्लॉक स्तर पर 6000 मॉडल स्कूलों की स्थापना का प्रस्ताव रखा। मुखर्जी ने संसद में आम बजट 2012-13 पेश करते हुए कहा कि मैं शिक्षा का अधिकार (आरटीई)  सर्वशिक्षा अभियान के लिए आवंटित राशि में 21.7 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 25,555 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखता हूं।

 

राज्य सरकारों की भागीदारी से सर्वशिक्षा अभियान लागू किया गया है और इसके तहत देश के करीब 19.2 करोड़ बच्चों को शामिल किया गया है। इस कार्यक्रम का मकसद जिन क्षेत्रों में स्कूल नहीं हैं, वहां नए स्कूल खोलना व अतिरिक्त कक्षाओं, शौचालयों, पेयजल की व्यवस्था करना और स्कूल सुधार व रखरखाव अनुदान बढ़ाना है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने माध्यमिक शिक्षा योजना राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए भी आवंटन बढ़ाया है।

 

मुखर्जी ने कहा कि मैं राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के बजट में 29 प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 3,124 करोड़ रुपये करने का प्रावधान करता हूं। मुखर्जी ने 12वीं पंचवर्षीय योजना में उत्कृष्टता के प्रतीक के तौर पर मॉडल स्कूलों के रूप में ब्लॉक स्तर पर 6000 स्कूलों की स्थापना का प्रस्ताव रखा है। इनमें से 2500 स्कूलों की स्थापना सरकारी-निजी भागीदारी के अधीन की जाएगी। गौरतलब है कि बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम, 2009 अप्रैल 2010 से प्रभावी है। इस अधिनियम के तहत कक्षा आठ तक के किसी भी छात्र को उसकी अनिवार्य शिक्षा पूरी होने तक स्कूल से नहीं निकाला जा सकता।

(एजेंसी)