खेल पुरस्कारों पर मंत्रालय-बीसीसीआई में ठनी

Last Updated: Thursday, June 7, 2012 - 21:31

मुम्बई : खेल पुरस्कारों के लिए क्रिकेट खिलाड़ियों के नामांकन न किए जाने को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) और खेल मंत्रालय के बीच वाकयुद्ध जारी है। बीसीसीआई ने जहां इस सम्बंध में आवेदन पत्र समय से वितरित नहीं करने का आरोप लगाया है, वहीं मंत्रालय ने उसके इस दावे का खंडन किया है।
बीसीसीआई ने गुरुवार को साफ किया कि उसने इस साल अर्जुन पुरस्कारों और राजीव गांधी खेल रत्न के किसी खिलाड़ी का नाम इसलिए नहीं आगे किया क्योंकि उसे इस साल नामांकन सम्बंधी आवदन पत्र मिला ही नहीं।
बीसीसीआई सचिव संजय जगदाले ने अपने बयान में कहा, "बीसीसीआई उसी सूरत में किसी काबिल खिलाड़ी का नाम आगे करती, जब उसे नामांकन के लिए आवेदन पत्र दिए जाते।"
"खेल संघों को आवेदन फार्म दिए जाने का काम खेल मंत्रालय का होता है और यह काम असल नामांकन से काफी पहले किया जाता है लेकिन इस साल बीसीसीआई को मंत्रालय की ओर से कोई फार्म प्राप्त नहीं हुआ।"
"फार्म मिलने के बाद खिलाड़ी का नाम आगे किया जाता है लेकिन उसका नाम अंतिम रूप से मंत्रालय को भेजे जाने से पहले उस खिलाड़ी की संतुति और बोर्ड की अनुशंसा जरूरी होती है।"
"ऐसी सूरत में बीसीसीआई हर साल की तरह इस साल किसी भी योग्य खिलाड़ी का नाम खेल पुरस्कारों के लिए आगे नहीं कर सकी।"
उधर, खेल मंत्रालय ने कहा कि बीसीसीआई सहित सभी खेल महासंघों को मध्य अप्रैल में ही टेलीफोन के जरिए नामांकन भेजने की जानकारी दे दी गई थी। इसके लिए 30 अप्रैल की तारीख तय की गई थी।
मंत्रालय ने कहा, "मंत्रालय ने इस सम्बंध में 28 जनवरी को एक सर्कुलर जारी किया था। इसके माध्यम से सभी खेल महासंघों और बीसीसीआई से खेल पुरस्कारों के लिए नामांकन भेजने को कहा गया था। इसके अलावा मंत्रालय के अधिकारियों ने अप्रैल में भी महासंघों और बीसीसीआई से सम्पर्क किया था। जहां तक नामांकन फार्म की बात यह तो यह मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है और इसे कोई भी, कभी भी हासिल कर सकता है।" (एजेंसी)



First Published: Thursday, June 7, 2012 - 21:31


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