ताज बचाने उतरेगी टीम इंडिया

Last Updated: Thursday, July 28, 2011 - 15:37

कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की टीम जब शुक्रवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच के लिए ट्रेंट ब्रिज मैदान पर उतरेगी, तब उसका मुख्य लक्ष्य लॉर्ड्स की करारी हार को भुलाकर शानदार वापसी करना होगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो भारतीय टीम से सर्वोच्च वरीयता टेस्ट टीम का ताज छिन जाएगा.

एक वर्ष से भी अधिक समय से इस ताज पर अपना हक बनाए रखने वाली भारतीय टीम से इसे हासिल करने के लिए इंग्लिश टीम को चार मैचों की श्रृंखला में कम से कम 2-0 से जीत की दरकार है. लॉर्ड्स में 196 रनों की जीत के साथ वह अपना आधा काम कर चुकी है और ट्रेंट ब्रिज में उसका इरादा लॉर्ड्स वाला प्रदर्शन दोहराने का होगा.

लॉर्ड्स की हार भारतीय टीम के लिए एक सबक की तरह है लेकिन टीम के अंदर के हालात बहुत अधिक नहीं बदले हैं. जहीर खान अब भी चोटिल हैं. उनका दूसरे मैच में भी खेल पाना तय नहीं है. कप्तान धौनी साफ कर चुके हैं कि वह किसी एक मैच के लिए जहीर की फिटनेस से समझौता करना नहीं चाहेंगे.

जहीर की अनुपस्थिति में शांताकुमारन श्रीसंत या फिर मुनाफ पटेल को मौका मिल सकता है. स्पिन विभाग में हरभजन सिंह की 'निष्क्रीयता' मेजबानों को रास आ रही है लेकिन धौनी इससे परेशान हैं. भज्जी लम्बे समय से अहम खिलाड़ी रहे हैं और इस कारण धौनी आनन-फानन में अमित मिश्रा को आजमाने का जोखिम नहीं मोल लेना चाहेंगे.

बल्लेबाजी में सचिन तेंदुलकर और गौतम गम्भीर फिट हो चुके हैं लेकिन उनके बल्ले की धार को लेकर भारतीय खेमे में चिंता है. अभिनव मुकुंद के पास अनुभव की कमी है, लिहाजा भारतीय सलामी बल्लेबाजों से अच्छी शुरुआत की उम्मीद बेमानी होगी.

इस लिहाज से तीसरे क्रम पर राहुल द्रविड़, चौथे क्रम पर सचिन तथा पांचवें क्रम पर वी.वीएस. लक्ष्मण से अच्छी पारी की उम्मीद होगी. द्रविड़ और लक्ष्मण के अलावा छठे क्रम पर सुरेश रैना ने काफी हद तक अपनी भूमिका के साथ न्याय किया था लेकिन सचिन इसमें नाकाम रहे.

उनके 100वें शतक को लेकर अब खास चर्चा नहीं. ऐसे में सचिन के पास बिना दबाव के खेलते हुए यह मुकाम हासिल करने का अच्छा मौका है. सचिन, द्रविड़ और लक्ष्मण ने किसी भी श्रृंखला के दूसरे टेस्ट मैच में पहले मैच की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है.

कुल मिलाकर भारत का रिकार्ड भी इस लिहाज से बेहतर रहा है. भारत ने विदेशी दौरों में दूसरे टेस्ट मैच के माध्यम से जोरदार वापसी की और कई मौकों पर श्रृंखला में जीत भी हासिल की है.

2002 के इंग्लैंड दौरे में भारत सौरव गांगुली की कप्तानी में खेलते हुए लॉर्ड्स में खेला गया पहला टेस्ट मैच हार गया था. इसके बाद उसने ट्रेंट ब्रिज में इंग्लिश टीम को बराबरी पर रोका था और फिर हेडिंग्ले में जीत हासिल करके उसने तीन मैचों की श्रृंखला में बराबरी कर ली थी.

लॉर्ड्स की हार के बाद भारतीय टीम को अभ्यास के लिए सिर्फ तीन दिनों का वक्त मिला लेकिन जितना भी वक्त मिला, उसने उसका भरपूर फायदा उठाया. ऐसे में जबकि भारतीय खिलाड़ियों को पता है कि तीसरे टेस्ट के लिए जहीर के साथ-साथ वीरेंद्र सहवाग भी टीम में वापसी करेंगे और उनके आने से टीम की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी, जाहिर तौर पर खिलाड़ी अपने सशक्त पहलुओं को लेकर ट्रेंट ब्रिज में जोरदार प्रयास करना चाहेंगे.

दूसरे टेस्ट में गलतियों के लिए कोई जगह नहीं क्योंकि एक और हार भारत के हाथ से न सिर्फ सर्वोच्च वरीयता प्राप्त टीम का ताज छीन लेगी बल्कि इसके बाद उस पर श्रृंखला में हार बचाने का दबाव आ जाएगा क्योंकि दो मैचों के शेष रहते जीत की कोई उम्मीद नहीं रह जाएगी.

 



First Published: Friday, July 29, 2011 - 13:06


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