सुलझ गया पिच विवाद, काम पर लौटे क्यूरेटर प्रबीर

Last Updated: Saturday, December 1, 2012 - 19:48

कोलकाता : भारत और इंग्लैंड के बीच तीसरे टेस्ट के लिए ईडन की पिच की तैयारियों को लेकर पैदा हुआ विवाद शनिवार को तब समाप्त हुआ जब कैब अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने प्रबीर मुखर्जी को काम पर लौटने के लिए मना लिया।
नाराज क्यूरेटर मुखर्जी ने चिकित्सा अवकाश पर जाने की धमकी दी थी। दरकिनार किए जाने से नाखुश मुखर्जी ने सुबह एक महीने के चिकित्सा अवकाश पर जाने का फैसला किया था लेकिन कैब अधिकारियों के साथ बैठक के बाद उन्हें फैसला बदलने के लिए मना लिया गया।
कैब प्रमुख डालमिया ने इस अनुभवी क्यूरेटर से मुलाकात के बाद कहा,‘अब कोई मुद्दा नहीं है। हमने मतभेद सुलझा लिए हैं। प्रबीर मुखर्जी ईडन गार्डंस के क्यूरेटर थे। वह इंग्लैंड के खिलाफ पांच दिसंबर से शुरू हो रहे टेस्ट मैच और अगले साल तीन जनवरी को भारत और पाकिस्तान के बीच वनडे की जिम्मेदारी संभालेंगे।’
डालमिया ने कहा,‘मुझे हर रोज कई तरह की कहानियां सुनने को मिल रही हैं। ये सब मीडिया द्वारा बनाई गई अनावश्यक खबरे हैं। हां, वह सचमुच बीमार हैं लेकिन मैंने उन्हें आने और थोड़े समय तक रुकने के लिये कहा है। ’
विवादों का केंद्र रहे मुखर्जी ने भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टर्निंग पिच की मांग मानने से इंकार कर दिया था। धोनी ने कोलकाता टेस्ट के लिए टर्निंग पिच मांगी थी। उन्होंने सुबह बंगाल क्रिकेट संघ (कैब) को पत्र लिखकर चिकित्सा अवकाश मांगा क्योंकि उन्हें लगा कि मेजबान संघ उनका साथ नहीं दे रहा था।
बीसीसीआई ने 83 बरस के मुखर्जी को दरकिनार करके पूर्वी क्षेत्र पिच और मैदान समिति के प्रतिनिधि आशीष भौमिक को ईडन की पिच तैयार करने का जिम्मा सौंपा। उसके 48 घंटे के भीतर मुखर्जी ने यह कदम उठाया। यू टर्न लेने के बाद मुखर्जी शाम में ईडन गार्डंस पर वापस लौट गए और कैब के शीर्ष अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहे थे।
यह एक तरह से मुखर्जी के लिए मनोबल बढ़ाने वाली जीत रही। कैब कोषाध्यक्ष बिस्वरूप डे पिच क्यूरेटर मुखर्जी के घर गए और बातचीत के लिए डालमिया के घर लेकर आए। (एजेंसी)



First Published: Saturday, December 1, 2012 - 10:14


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