सियासत का `सुपर संडे`

आज का दिन वाकई सियासत का सबसे बड़ा रविवार (सुपर संडे) साबित होने वाला है। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी हो, बिहार की नीतीश सरकार हो या फिर हिमाचल में सिंहासन का सेमीफाइनल का प्रहसन हो, संयोगवश सब आज ही के दिन अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं।

अंतिम अपडेट: रविवार नवम्बर 4, 2012 - 07:27 PM IST

प्रवीण कुमार
आज का दिन वाकई सियासत का सबसे बड़ा रविवार (सुपर संडे) साबित होने वाला है। ऐसे तो संडे (रविवार का दिन) हर सप्ताह आता है लेकिन आज का संडे सियासत के लिए काफी अहम माना जा रहा है इसीलिए हमने आज के दिन को `सियासत का सुपर संडे` शीर्षक से नवाजा है। अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी हो, बिहार की नीतीश सरकार हो या फिर हिमाचल में सिंहासन का सेमीफाइनल का प्रहसन हो, संयोगवश सब आज ही के दिन अपनी-अपनी शक्ति का प्रदर्शन कर रहे हैं। शनिवार का दिन बीतते-बीतते पटना से एक और खबर आई कि भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाशपति मिश्रा का निधन हो गया। भाजपा के लिए यह भले ही दुखद खबर हो लेकिन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए यह दुखद खबर नीतीश के बिहार में पांव रखने का बेहतरीन मौका मयस्सर कर गया। सच में सियासत की माया और ऊपर वाले की माया लाजवाब है। निश्चित रूप से सियासत के इस सुपर संडे में कई गूढ़ मायने छिपे हैं जो भारत की आगामी दलीय राजनीति की दशा और दिशा तय करेगा।
कांग्रेस की रामलीला
अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी, यूपीए सरकार के मुखिया मनमोहन सिंह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में महारैली को संबोधित करने एक मंच पर होंगे और मंच के सामने उनका दीदार करने के लिए होगी देश की जनता। यह रैली ऐसे समय में हो रही है जब जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि उसने एसोसिएटेड न्यूजपेपर्स को ऋण देकर कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने निर्वाचन आयोग से पार्टी की मान्यता खत्म करने की गुहार भी लगाई है। विपक्ष के साथ-साथ सहयोगी दलों के चौतरफे हमले झेल रही कांग्रेस की सरकार इस रैली के जरिए राजधानी में अपना शक्ति प्रदर्शन करेगी। इस शक्ति प्रदर्शन के आधार पर ही कांग्रेस आगामी लोकसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय करेगी। कहने का मतलब यह कि कांग्रेस के लिए यह रामलीला काफी अहम है।
नीतीश की अधिकार रैली
बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की केंद्र सरकार से मांग को लेकर मुख्यमंत्री आज पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में ऐतिहासिक अधिकार रैली करने वाले हैं। अधिकार रैली की खास बात यह है कि बिहार में पहली बार इस तरह की किसी रैली का इंटरनेट पर सीधा प्रसारण किया जाएगा। रविवार सुबह 10 से अपराह्न् तीन बजे तक `डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट बिहार अधिकार रैली डॉट कॉम` वेबसाइट पर रैली का सीधा प्रसारण किया जाएगा। कहने का मतलब यह कि इस रैली को पूरी दुनिया इंटरनेट पर देख सकेगी। जाहिर है इससे केंद्र की यूपीए सरकार पर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को मानने का एक अलग तरह का दबाव बनेगा। मालूम हो कि नीतीश कुमार अधिकार रैली के बहाने बिहार की जनता का नब्ज भांप चुके हैं और इसको लेकर वह हताशा में भी जी रहे हैं। आज की अधिकार रैली का सफल बनाकर नीतीश इस हताशा से उबरना चाहेंगे और केंद्र सरकार पर एक सियासी दबाव बनाने की कोशिश करेंगे।
हिमाचल में चुनावी संग्राम
हिमाचल प्रदेश में आज विधान सभा चुनाव के लिए वोट डाले जा रहे हैं। विधानसभा की 68 सीटों के लिए आज होने वाले मतदान पर सभी की नजरें टिकी हैं। कांग्रेस के लिए हिमाचल का किला जीतना इसलिए अहम है क्यों कि गुजरात से कांग्रेस को उम्मीद की कोई किरण नहीं दिख रही है। पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके वीरभद्र सिंह (78) इस बार अपना भविष्य बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं। राजा साब के नाम से चर्चित वीरभद्र अपनी क्षेत्र को छोड़कर बाकी सभी विधानसभा क्षेत्रों में वोट मांग रहे हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि वीरभद्र के लिए यह करो या मरो की लड़ाई है। यदि वह पार्टी को सत्ता में वापस लाने में सफल रहे तो वह अपने आलोचकों के मुंह बंद करने में भी सफल हो जाएंगे और एक करिश्माई नेता के रूप में अपनी साख फिर से स्थापित कर लेंगे। वरना वह हाशिए पर चले जाएंगे। दूसरी ओर प्रेम कुमार धूमल का करियर नहीं, उनकी प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। क्योंकि यदि भाजपा हारती है तो वह कह सकते हैं कि जनता ने उन्हें इसलिए सत्ता से बाहर किया, क्योंकि हिमाचल के मतदाता आमतौर पर सरकार बदलते रहते हैं।
नीतीश के बिहार में नरेंद्र मोदी
भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाशपति मिश्र को श्रद्धांजलि अर्पित करने गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी आज पटना पहुंच रहे हैं। जैसा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सीपी ठाकुर ने बताया कि मोदी ने उन्हें फोन करके बताया कि दिवंगत कैलाशपति मिश्र जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने वह पटना आएंगे। वह यहां करीब एक घंटे ठहरेंगे। मालूम हो कि नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्रित्व काल में मिश्र 7 मई 2003 से 7 जुलाई 2004 तक गुजरात के राज्यपाल रहे थे। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विरोध के कारण नरेंद्र मोदी को वर्ष 2005 और वर्ष 2010 के बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान राजग उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करने के लिए नहीं बुलाया गया था। आज के दिन कुछ ऐसा संयोग बना कि शनिवार को गुजरात के पूर्व राज्यपाल कैलाशपति मिश्रा का निधन हो गया जिनकी पटना में अंत्येष्ठि होनी है जिसमें नरेंद्र मोदी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने पहुंच रहे हैं। संयोग का सम्मिश्रण ऐसा कि आज ही बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर नीतीश कुमार की अधिकार रैली का आयोजन पटना के गांधी मैदान में होना है। जाहिर है मोदी पटना आएं और कुछ अलग सा सियासी हलचल न हो। तो फिर इंतजार कीजिए...