‘चीन-भारत के बीच वृहत सहयोग क्षमता’

भारत-चीन के बीच ‘वृहत सहयोग क्षमता’ की संभावना होने की बात करते हुए राष्ट्रपति हू जिंताओ ने मनमोहन सिंह से कहा है कि चीन की द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने और रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करने की ‘सीधी नीति’ है।

अंतिम अपडेट: Mar 30, 2012, 12:52 PM IST

बीजिंग : भारत और चीन के बीच ‘वृहत सहयोग क्षमता’ की संभावना होने की बात करते हुए राष्ट्रपति हू जिंताओ ने भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से कहा है कि चीन की द्विपक्षीय संबंधों को विकसित करने और रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करने की ‘सीधी नीति’ है।

 

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हांग लेई ने यहां मीडिया ब्रीफिंग में बताया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर नई दिल्ली में कल मनमोहन सिंह के साथ मुलाकात के दौरान जिंताओ ने भारतीय प्रधानमंत्री से कहा, ‘भारत-चीन मैत्री, रणनीतिक सहयोग को प्रगाढ़ करना और साझा विकास की मांग करना चीन की सीधी नीति है।’ बैठक के नतीजे के बारे में पूछे गए सवाल पर हांग ने कहा कि जिंताओ ने सिंह को सूचित किया था, ‘हमारे द्विपक्षीय संबंधों में चीन की अपेक्षा टिकाउ और ईमानदार मैत्री की है।’

 

जिंताओ ने सिंह से कहा, ‘चीन-भारत संबंध के विकास के लिए व्यापक सहयोग क्षमता और संभावना है।’ जिंताओ को अपने एक दशक लंबे कार्यकाल के दौरान चीन-भारत संबंधों में सुधार का श्रेय दिया जाता है। हांग ने साल 2012 को चीन-भारत मैत्री एवं सहयोग वर्ष घोषित करते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक भागीदारी के तौर पर समुन्नत करने की अपनी इच्छा का इजहार किया है। (एजेंसी)