केजरीवाल और उनके समर्थक रिहा

Last Updated: Friday, December 7, 2012 - 20:57

नई दिल्ली: दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी के लगभग 200 समर्थकों को पुलिस ने शुक्रवार को हिरासत में ले लिया। कुछ घंटों बाद उन्हें रिहा कर दिया गया।
पुलिस ने बताया कि पार्टी समर्थक दक्षिणी दिल्ली के शाहीन बाग में मकानों को गिराने की मुहिम के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए सुबह करीब आठ बजे शीला दीक्षित के आवास 3, मोती लाल नेहरू मार्ग पर पहुंचे। उन्हें दोपहर करीब 12.30 बजे हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शकारी सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे और मुख्यमंत्री से मिलने की अनुमति की मांग कर रहे थे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि हमने मुख्यमंत्री के आवास के बाहर केजरीवाल और उनके समर्थकों को हिरासत में लिया और उन्हें संसद मार्ग थाने में ले जाया गया।
जिन्हें हिरासत में लिया गया उनमें आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और कुमार विश्वास के अलावा वे लोग भी शामिल थे, जिनके मकान ढहाए गए हैं।
दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि मकानों को गिराने की मुहिम दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश पर चलाई गई। उच्च न्यायालय ने दिल्ली विकास प्राधिकरण की जमीन से अवैध ढांचों को हटाने का आदेश दिया था।
आम आदमी पार्टी के नेताओं का कहना है कि सरकार की मुहिम के चलते लगभग 500 परिवार बेघर हो गए हैं।
केजरीवाल ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि लोगों को अपनी जमीन से बेदखल किया गया है। उनके पास जमीन के कागजात हैं। लेकिन उनकी जमीन अनधिकृत है क्योंकि दावा करने के लिए उन्हें सरकार द्वारा पारित नक्शा हासिल करना है।
उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2010 में घोषणा की गई थी कि दिल्ली में 1,600 कालोनियां नियमित होंगी, यह कालोनी उन्हीं में से एक है। केजरीवाल ने कहा कि इसके बावजूद 500 मकान ढहा दिए गए।
एक अधिकारी ने बताया कि केजरीवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल को एक ज्ञापन भी सौंपा जिसमें अवैध निर्माण हटाने की मुहिम की जांच कराने की मांग की गई है। (एजेंसी)



First Published: Friday, December 7, 2012 - 20:57
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