नई दिल्ली : रक्षा मंत्री एके एंटनी की अरुणाचल प्रदेश यात्रा पर चीन की टिप्पणी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार ने कहा है कि राज्य में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप का वह विरोध करेगी।
विदेशी मंत्री एस.एम. कृष्णा ने संवाददाताओं से कहा, 'अरुणाचल प्रदेश भारत का हिस्सा है। रक्षा मंत्री देश में कहीं भी जहां वह जरूरी समझे जा सकते हैं।' कृष्णा ने कहा कि किसी भी देश द्वारा इस बारे में जताई गई आपत्ति पर विचार नहीं हो सकता है।
एंटनी 20 फरवरी को अरुणाचल प्रदेश के राज्य बनने के रजत जयंती अवसर पर ईटानगर गए थे। एंटनी की इस यात्रा को चीन ने आपत्तिजनक कहा था। एंटनी ने उस दिन सीमावर्ती राज्य में कई ढांचागत विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की थी। एंटनी ने कहा कि देश के रक्षा मंत्री के तौर पर किसी भी सीमावर्ती राज्य की किसी भी समय यात्रा करने का उनका अधिकार है और यह उनका दायित्व है।
एंटनी ने यहां नेशनल मारीटाइम फाउंडेशन के एक कार्यक्रम के दौरान संवाददाताओं से कहा, 'मैं इस प्रतिक्रिया को देख कर आश्चर्यचकित हूं। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। यह आपत्तिजनक भी है। अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न अंग है।'
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता होंग ली ने रक्षा मंत्री की अरुणाचल प्रदेश यात्रा से सम्बंधित खबर पर अपनी प्रतिक्रिया में आपत्ति जताई थी और कहा था, 'सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और स्थिरता के लिए भारत को चीन के साथ मिलकर चलना चाहिए।' खबर में कहा गया था कि भारतीय अधिकारी तथाकथित अरुणाचल क्षेत्र की गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं और इसमें प्रत्यक्ष तौर पर एंटनी की यात्रा का स्पष्ट उल्लेखन नहीं किया गया था।
(एजेंसी)
First Published: Tuesday, February 28, 2012, 09:37