...तो न संसद चलेगा और न ही देश: लालू

Last Updated: Friday, February 1, 2013 - 10:39

पटना : राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने कहा कि वे लोकपाल के विरोधी नहीं है पर अगर उसके दायरे में प्रधानमंत्री, संसद और न्यायपालिका को लाया जायेगा तो ना संसद चलेगी और ना ही देश चलेगा।
केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लोकपाल विधेयक में संशोधन को मंजूरी दिए जाने पर लालू ने कहा कि अच्छी बात है लोकपाल बिल आए। हम इसके विरोधी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर कारगर अंकुश लगे। जो अकूत सम्पत्ति अर्जित करने की प्रवृत्ति बनी है, उस पर रोक लगे।
लालू ने कहा कि उनकी पार्टी राजद प्रधानमंत्री, न्यायपालिका, सीबीआई, लोअर ब्यूरोक्रेसी एवं मीडिया को लोकपाल के घेरे में रखने की विरोधी है। जो भी हो संसद और न्यायपालिका के नीचे ही कोई बात होनी चाहिए। यही लड़ाई का मुद्दा था। उन्होंने कहा कि अगर प्रधानमंत्री , संसद और न्यायपालिका को इसके घेरे में डाला जायेगा तो ना संसद चलेगी और ना देश चलेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अन्ना और उनकी टीम लोकतांत्रिक व्यवस्था को नेस्तनाबूद कर संसद की सर्वोच्चता को हड़पना चाहती थी और लोकपाल को उसके उूपर बैठाना चाहती थी। लालू ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने जो संविधान दिया है उसमें सारी बातों का जिक्र है। उन्होंने कहा कि अभी जो कैबिनेट में पास किया गया है यह अंतिम नहीं है। विभिन्न दलों ने संशोधन दिया होगा और दिया है । सरकार ने भी संशोधन किया होगा। राज्यसभा एवं लोकसभा में बहस होगी । अभी यह प्रक्रिया में हैं।
राजद सुप्रीमों ने कहा कि अन्ना का आंदोलन खत्म हो चुका है। उनका कुनबा बिखर गया है। जनतंत्र बचाओ मोर्चा की बात करते है। जनतंत्र को इन लोगों ने दुरूपयोग किया। (एजेंसी)



First Published: Friday, February 1, 2013 - 10:39


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