नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात की और उनसे मनरेगा जैसी केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं के लिए सुगमता से धन उपलब्ध कराने के साथ ही कोयले की आपूर्ति और अवसंरचनाओं को सुधारने के लिए मदद मांगी की। उन्हें राज्य के विकास के लिए ‘समुचित’ मदद का आश्वासन दिया गया।
हाल में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद प्रधानमंत्री के साथ अपनी पहली औपचारिक बैठक में अखिलेश ने उत्तर प्रदेश के लिए अपनी नीतियों और कार्यक्रमों और इन्हें लागू करने के लिए जरूरी मदद पर चर्चा की। अखिलेश के साथ वरिष्ठ अधिकारी और मंत्री भी थे। करीब एक घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद यादव ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने राज्य के लिए किसी पैकेज की मांग नहीं की। प्रधानमंत्री के साथ यह एक अच्छी मुलाकात थी। मुलाकात के दौरान उत्तर प्रदेश से जुड़े मनरेगा, सड़क, कोयले की कमी से जुड़ी समस्याओं, जल्दी ही होने वाले कुंभ मेले के आयोजन और गंगा सफाई परियोजना समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई।’ यादव ने कहा कि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार को योजनाओं के लिए जरूरी धन आवंटित करने सहित केन्द्रीय मदद की मांग की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने हमें भरोसा दिलाया कि राज्य में लागू की जा रही सभी योजनाओं के लिए पैसे भेजे जाएंगे।
ट्विटर पर जारी एक वक्तव्य के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय ने भी इसी तरह की बात की और कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपने राज्य में विकास योजनाओं के बारे में प्रधानमंत्री से चर्चा की। पीएमओ ने कहा, ‘जब मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र की सहायता का मुद्दा उठाया तो प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उत्तर प्रदेश के विकास के लिए केंद्र की तरफ से सभी तरह की सहायता देने का आश्वासन दिया।’
यादव ने कहा कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश में शिक्षा रोजगार और अवसंरचना में सुधार के लिए चल रही कल्याणकारी योजनाओं को तेज करेगी। उनका कहना था कि सड़क बिजली और पेयजल राज्य की समाजवादी पार्टी सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने प्रधानमंत्री के साथ इस मुलाकात के दौरान आगामी कुंभ मेले के आयोजन, कोयले की आपूर्ति और गंगा सफाई के बारे में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र को राज्य के लिए ये धन मुहैया कराना चाहिए तभी उन विकास कार्यों को पूरा किया जा सकेगा जिनका सीधा फायदा आम आदमी तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री के रूप में एक महीना पूरा कर चुके यादव ने कहा, ‘हम नई नीतियां और योजनाएं लागू कर रहे हैं। आप अगले तीन महीने में परिणाम खुद देखेंगे।’ यह पूछे जाने पर कि क्या प्रधानमंत्री के साथ बातचीत में एनसीटीसी का मुद्दा भी उठा, अखिलेश ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े मसले बाद में होने वाली बैठक में उठेंगे। वह केंद्र द्वारा आगामी 16 अप्रैल को बुलाए मुख्यमंत्रियों के सम्मेलन का उल्लेख कर रहे थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बाद में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से भी शिष्टाचार भेंट की।
(एजेंसी)
First Published: Saturday, April 14, 2012, 21:03