पॉन्टी मामला : sc ने सरकार से पूछा, कैसे दिए जाते हैं हथियार ?

Last Updated: Wednesday, November 21, 2012 - 22:57

नई दिल्ली : दक्षिण दिल्ली के छतरपुर इलाके में उद्यमी पोन्टी चड्ढा गोलीकांड का स्वत: ही संज्ञान लेते हुए उच्चतम न्यायालय ने निजी सुरक्षाकर्मियों को हथियार के लाइसेंस देने के मानदंडों के बारे में केन्द्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है। इस गोली कांड में पोन्टी चड्ढा के साथ ही उनका भाई भी मारा गया था। इस घटना में दोनों भाईयों के सुरक्षाकर्मियों ने भी गोलाबारी की थी।
न्यायमूर्ति डी के जैन और न्यायमूर्ति जे एस खेहड की खंडपीठ ने बुधवार को केन्द्र सरकार से जवाब तलब करते हुए कहा कि हाल ही में हुयी एक घटना में निजी सुरक्षाकर्मियों द्वारा हथियारों का इस्तेमाल गंभीर चिंता का विषय है।
न्यायालय ने कहा कि हाल ही में मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित इस गोलीकांड में दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गयी थी। न्यायालय ने कहा कि कुछ निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा कथित रूप से हथियारों का इस्तेमाल करना बेहद चिंताजनक है। इससे सुरक्षा एजेन्सियों, विशेषकर निजी सुरक्षा एजेन्सियों, की भूमिका के बारे में गंभीर सवाल उठते हैं।
विवादास्पद शराब व्यावसायी पोन्टी चड्ढा और उसके भाई हरदीप 17 नवंबर को दोनों पक्षों के बीच हुयी गोलीबारी में उस समय मारे गये जब उनके सुरक्षाकर्मियों ने भी एक दूसरे पर गोलियां चला दी थी। बताते हैं कि संपत्ति विवाद को सुलझाने के लिए इस फार्महाउस में हो रही बैठक के दौरान तीखी बहस के बीच ही गोलीबारी हो गयी थी।
न्यायालय ने निजी सुरक्षा एजेन्सियों के काम करने के कानूनी स्वरूप और निजी सुरक्षाकर्मियों को हथियारों के लाइसेंस देने के मानदंड के बारे में गृह मंत्रालय को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
न्यायालय केन्द्र सरकार से जानना चाहता है कि क्या निजी सुरक्षाकर्मियों द्वारा ऐसे हथियारों के इस्तेमाल के बारे में कोई दिशा निर्देश हैं और यदि नहीं, तो क्या इस संबंध में निश्चित मापदंड निर्धारित करने की आवश्यकता है।
न्यायाधीशों ने कहा कि इन परिस्थितियों में हथियारों के लाइसेंस और निजी सुरक्षा एजेन्सियों के कामकाज के बारे में उन खबरों का स्वत: ही संज्ञान लिया जा रहा है।
न्यायालय ने कहा कि गृह मंत्रालय को इस निर्देश के साथ नोटिस जारी किया जा रहा है कि इस मामले में वह हलफनामा दाखिल करके अपना पक्ष रखे। यह हलफनामा दो सप्ताह के भीतर किसी वरिष्ठ अधिकारी को दाखिल करना होगा। इस मामले में अब छह दिसंबर को आगे विचार किया जाएगा। (एजेंसी)



First Published: Wednesday, November 21, 2012 - 18:07


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