मुश्किल में राहुल, कांग्रेस ने किया बचाव

Last Updated: Tuesday, February 21, 2012 - 03:46

कानपुर/नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश के कानपुर में सोमवार को रोड शो के दौरान कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी पर कानून तोड़ने के आरोप में राहुल समेत 40 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। कांग्रेस ने जिला प्रशासन की इस कार्रवाई को बसपा सरकार के दबाव में उठाया कदम करार दिया है।

 

राहुल गांधी ने सोमवार को कानपुर के विभिन्न इलाकों में करीब 35 किलोमीटर रोड शो किया। जिला प्रशासन का कहना है कि रोड शो में तय रूट का पालन नहीं किया गया, जो सुरक्षा और महाशिवरात्रि के चलते होने वाली भीड़ के मद्देनजर निर्धारित किया गया था।

 

कानपुर के जिलाधिकारी हरि ओम ने संवाददाताओं से कहा कि रोड शो में नियम तोड़ने के साथ धारा-144 का उल्लंघन किया गया। इसके बाद जिला प्रशासन की तरफ से कैंट थाने में मामला दर्ज कराया गया। कैंट थाना प्रभारी संजय भदौरिया का कहना है कि राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188, 283 और 290 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। भदौरिया ने बताया कि राहुल के अलावा रोड शो के आयोजक एंव कांग्रेस के कानपुर इकाई के जिलाध्यक्ष महेश दीक्षित व अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया।

 

कांग्रेस नेताओं ने राहुल के रोड शो के लिए कानपुर जिला प्रशासन से 35 किलोमीटर की अनुमित मांगी थी, लेकिन प्रशासन की तरफ से महाशविरात्रि के मद्देनजर भीड़भाड़ और सुरक्षा का हवाला देते हुए केवल 20 किलोमीटर की ही अनुमित दी गई, साथ ही मार्ग निर्धारित कर दिया गया। लेकिन रोड शो ने निर्धारित मार्ग के बजाय दूसरे मार्ग से करीब 35 किलोमीटर की दूरी तय की।

 

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी ने संवाददाताओं से कहा, 'कांग्रेस पार्टी द्वारा जिला प्रशासन को राहुल गांधी के जनसम्पर्क अभियान से सम्बंधित पूरा कार्यक्रम और रूट चार्ट 17 फरवरी को ही दे दिया गया था। लेकिन जिला प्रशासन ने ऐन वक्त पर कार्यक्रम में फेरदबल कर दिया। चूंकि सारे कार्यक्रमों की सूचना पार्टी ने कानपुर की जनता को अवगत करा दिया था, ऐसे में कार्यक्रम या रूट में परिवर्तन करना सम्भव नहीं था।'
रीता ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार पर हमारा आरोप है कि वह सदैव राहुल गांधी के कार्यक्रम में विघ्न डालती आई है और उनकी लोकप्रयिता को देखते हुए कानपुर में जिला प्रशासन ने सरकार के दबाव में आकर उनके कार्यक्रम को रोकने की कोशिश की।

 

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, 'ऐन वक्त पर कार्यक्रम में बदलाव और रूट को कम करने का जिला प्रशासन का कदम न्यायोचित नहीं है। जिला प्रशासन का यह व्यवहार कतई निष्पक्ष नजर नहीं आता।' राहुल गांधी ने आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं किया। उन्होंने न तो जनसभा की और न ही जुलूस निकाला। केवल सामान्य ढंग से जनसम्पर्क किया।'

 

कानपुर से सांसद एवं केंद्रीय कोयला मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने लखनऊ में संवाददाताओं से यहां तक कहा कि कांग्रेस पार्टी कानपुर जिला प्रशासन के इस रवैये की शिकायत चुनाव आयोग से करेगी। इस बीच नई दिल्ली में कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, 'यह न तो जुलूस और न ही रैली थी। यह केवल जनसम्पर्क कार्यक्रम था। इसमें न तो चुनाव संहिता के उल्लंघन का इरादा था और न ही वास्तव में ऐसा किया गया।' (एजेंसी)



First Published: Tuesday, February 21, 2012 - 15:11


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