राष्‍ट्रपति चुनाव: NDA अभी हालात पर बनाए रखेगा नजर

राष्ट्रपति पद के चुनाव में बदलते राजनीतिक समीकरण एवं गहमागहमी के बीच एनडीए ने शुक्रवार को भी अपने पत्ते नहीं खोले । इस बैठक दौरान एनडीए के उम्मीदवार पर कोई फैसला नहीं हो पाया।

अंतिम अपडेट: शुक्रवार जून 15, 2012 - 02:44 PM IST

ज़ी न्यूज ब्यूरो
नई दिल्ली : राष्ट्रपति पद के चुनाव में बदलते राजनीतिक समीकरण एवं गहमागहमी के बीच एनडीए ने शुक्रवार को भी अपने पत्ते नहीं खोले । भाजपा नीत इस गठबंधन ने कांग्रेस नीत संप्रग का उम्मीदवार सामने आने और बदलते राजनीतिक समीकरणों के स्पष्ट होने तक प्रतीक्षा करने का फैसला किया है।
राष्ट्रपति पद के चुनाव के बारे में विचार विमर्श के लिए बुलाई गई राजग की 90 मिनट तक चली बैठक के बाद गठबंधन के कार्यकारी अध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि आज की बैठक राष्ट्रपति पद के चुनाव के संदर्भ में बुलाई गई थी लेकिन यह बैठक कोई निर्णय करने के लिए नहीं थी। हमने घटक दलों के साथ विचारों का आदान प्रदान किया और इस विषय पर अब तक की राजनीतिक घटनाओं का सिंहावलोकन किया।
एनडीए की अहम बैठक में उम्मीदवार पर कोई फैसला नहीं हो पाया। भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि अभी उम्मीदवार पर कोई फैसला नहीं हुआ है। आडवाणी ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव पर राजग ने इंतजार करने का फैसला किया है। राष्ट्रपति पद के चुनाव के बारे में अगर कोई ठोस फैसला करना होगा तो राजग अगली बैठक में ऐसा करेगा।
आडवाणी ने यह भी कहा यह 1969 चुनाव जैसा असाधारण चुनाव है। हम गैर यूपीए दलों के संपर्क में हैं। सरकार यदि बातचीत करती है तो हम वार्ता के लिए तैयार हैं।
आडवाणी ने कहा कि वह राष्ट्रकपति चुनाव के मद्देनजर उम्मीदवार पर अपने मुख्यमंत्रियों से सलाह भी करेंगे। अभी हमने हालात पर नजर रखने का फैसला किया है। भाजपा नेता ने केंद्र पर आरोप जड़ते हुए कहा कि सरकार में आपसी विश्वास की भारी कमी है।
आडवाणी ने कहा कि 2012 के राष्ट्रपति चुनाव की तुलना 1969 के चुनाव से करते हुए उन्होंने कहा कि हम किसी जल्दबाजी में नहीं हैं। हम आगे भी इस विषय पर चर्चा करेंगे। इस विषय पर कोई ठोस निर्णय करने की स्थिति आने पर हम फिर मिलेंगे। इस विषय पर हम राज्यों के मुख्यमंत्रियों से भी चर्चा करेंगे।
आडवाणी ने कहा कि आज शाम चार बजे संप्रग की बैठक है कि पहले उनको नाम की घोषणा करने दीजिए। हम सभी घटनाक्रमों एवं गतिविधियों पर करीबी नजर रखे हुए हैं। आडवाणी ने कहा कि राष्ट्रपति पद के चुनाव के मुद्दे पर हमने सभी गैर कांग्रेसी दलों, खासकर विपक्षी दलों के संपर्क में रहने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि संप्रग सरकार में शामिल तृणमूल कांग्रेस ने राष्ट्रपति पद के लिए कांग्रेस के संभावित उम्मीदवारों के नामों को अस्वीकार करते हुए सभी राजनीतिक दलों से पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम का समर्थन करने को कहा है। तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि कलाम सपा और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार हैं।
वहीं, सरकार को बाहर से समर्थन दे रही सपा ने राष्ट्रपति पद के लिए प्रणव के नाम पर बातचीत का रास्ता खुला रखने का संकेत देते हुए मध्यावधि चुनाव चाहने की अटकलों पर आज विराम लगाते हुए कहा कि वह ऐसी स्थिति के पक्ष में है।